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अगर आप रेलवे स्टेशन आ रहे हैं तो हों जाइए सावधान ! खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर अब ‘बंदर’ करेंगे आपका बैग चेक।

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– रेलवे स्टेशन परिसर पर बंदरों का कब्जा।

– रेलवे की नई टैगलाइन- ‘आपकी सेवा बंदरों के हाथ’ ।

खलीलाबाद (संत कबीर नगर): –

अगर आप संत कबीर नगर के खलीलाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइए! अपनी टिकट के साथ-साथ अपनी जान और सामान की सुरक्षा का इंतजाम खुद करके निकलिए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यहाँ रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और चेकिंग का जिम्मा शायद ‘वानर सेना’ को सौंप दिया है।

इस समय प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बंदरों का खौफनाक आतंक छाया हुआ है। ये बंदर सिर्फ स्टेशन पर घूम नहीं रहे, बल्कि बाकायदा यात्रियों के सामान पर झपट्टा मार रहे हैं, उनका बैग खोलकर तलाशी ले रहे हैं और विरोध करने पर दांत दिखाकर काटने को दौड़ रहे हैं।

यात्री बेहाल, डर के मारे भगदड़; पर कुंभकर्णी नींद में सोया प्रशासन –

स्टेशन का नजारा इस समय किसी हॉरर फिल्म जैसा बन चुका है। हाथ में झोला या बैग लिए यात्री डर के मारे इधर-उधर भागते फिर रहे हैं कि न जाने कब कौन सा बंदर उन पर हमला कर दे। लेकिन अफसोस! इस पूरे खौफनाक मंजर को देखकर भी रेलवे प्रशासन की आँखों पर पट्टी बंधी हुई है। इन खूंखार बंदरों को स्टेशन से खदेड़ने के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है।

बड़ा सवाल: –  क्या रेलवे परिसर में अब यात्रियों से ज्यादा बंदरों को आज़ादी है ? बंदर सरेआम यात्रियों को भयभीत कर रहे हैं, उनका सामान छीन रहे हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।

क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है रेलवे ?

स्थानीय लोगों और यात्रियों का तो यहाँ तक कहना है कि रेलवे प्रशासन शायद किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है। ऐसा लगता है कि जब तक कोई बंदर किसी मासूम यात्री या बच्चे को बुरी तरह काट नहीं लेता, तब तक वन विभाग की टीम को नहीं बुलाया जाएगा। प्रशासन शायद तब जागेगा जब खून बहेगा!

रेलवे के ढीले रवैये को देखकर अब यात्री तंज कस रहे हैं कि भारतीय रेलवे की पुरानी टैगलाइन अब बदल चुकी है। अब नई टैगलाइन है— “आपकी सेवा, बंदरों के हाथ!”**अब देखना यह है कि इस सनसनीखेज लापरवाही पर रेलवे के बड़े अधिकारियों की नींद कब टूटती है, या फिर यात्री यूँ ही ‘बंदर राज’ में खौफ के साए में सफर करने को मजबूर रहेंगे!

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