UP में ‘सिस्टम’ को ठेंगा: संतकबीर नगर में ‘जिला बदर’ गुंडा पुलिस की नाक के नीचे काट रहा मौज!
– एसपी दरबार पहुंचा पीड़ित ।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ योगी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों को स्थानीय पुलिस ही पलीता लगाने में जुटी है! जनपद संत कबीर नगर से खाकी और खादी के गठजोड़ का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा कर रख दी हैं। प्रशासन जिस अपराधी को समाज के लिए खतरा मानकर ‘जिला बदर’ (गुंडा एक्ट) घोषित कर चुका है, वह खाकी की कथित ‘मेहरबानी’ से अपने ही घर पर खुलेआम ऐश काट रहा है।
मामला जनपद संत कबीर नगर के दुधारा थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए एक घोषित गुंडा खुलेआम अपने घर पर रह रहा है। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपी को तत्काल जेल भेजने और प्रशासनिक आदेश का अनुपालन कराने की मांग की है।
आपको बताते चले कि –
दुधारा थाना क्षेत्र के ग्राम पचपोखरिया निवासी अफजलुर्रहमान (पुत्र स्वर्गीय अब्दुल करीम) ने पुलिस अधीक्षक को एक प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 की धारा 3 की उपधारा-3 के अंतर्गत गत 30 मार्च 2026 को विपक्षी बाबूराजा (पुत्र यार मोहम्मद) के खिलाफ आदेश पारित किया गया था, जिसके तहत उसे गुंडा घोषित कर दिया गया है।
पीड़ित का गंभीर आरोप है कि इस प्रशासनिक आदेश के बावजूद विपक्षी बाबूराजा स्थानीय पुलिस विभाग की कथित मिलीभगत से बेखौफ होकर रोज रात में अपने घर पर ही निवास करता है और दिन के समय भी बेधड़क घूमता रहता है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, आरोपी क्षेत्र के लोगों से खुलेआम कहता है कि शासन-प्रशासन उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता, क्योंकि उसके भाई वर्तमान प्रधान और जिला पंचायत सदस्य हैं।
पीड़ित ने आरोपी और उसके सहयोगियों को मनबढ़ और गुंडा प्रवृत्ति का बताते हुए कहा कि ऐसे तत्वों का समाज में खुला रहना आम जनता के लिए अत्यंत घातक साबित हो सकता है।
पीड़ित की मांग –
पीड़ित अफजलुर्रहमान ने पुलिस अधीक्षक से विनम्र निवेदन किया है कि वे इस मामले को संज्ञान में लें और स्थानीय पुलिस व प्रशासन को अपने पूर्व आदेश का कड़ाई से अनुपालन कराने का निर्देश दें।
साथ ही, आरोपी बाबूराजा को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजना चाहिए।


