गेम ऐप डाउनलोड करते ही हैक हुआ ई-मेल, खाते से उड़े पैसे!
संतकबीर नगर पुलिस का बड़ा एक्शन, महुली पुलिस ने 21,000 रुपये कराए वापस!
संतकबीर नगर:-
ऑनलाइन गेम खेलने के शौकीनों के लिए यह एक बेहद चौंकाने वाली और आंखें खोल देने वाली खबर है। जनपद संतकबीर नगर में एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां महज एक गेमिंग ऐप डाउनलोड करने के चक्कर में एक युवक का पूरा बैंक खाता खाली हो गया। लेकिन, संतकबीर नगर पुलिस की मुस्तैदी और ‘क्रैक साइबर क्राइम अभियान’ के चलते पीड़ित को उसकी डूबी हुई रकम वापस मिल गई है।
सावधान! गेम डाउनलोड करते ही हैक हुआ ई-मेल, फिर जो हुआ…
मामला महुली थाना क्षेत्र के कलान गांव का है। यहाँ के निवासी अखिलेश यादव (पुत्र राधेश्याम यादव) ने अपने मोबाइल में एक गेम ऐप डाउनलोड कर जैसे ही साइन-इन किया, वैसे ही शातिर हैकर्स ने उनका ई-मेल आईडी हैक कर लिया। हैकर्स ने पलक झपकते ही अखिलेश के बैंक खाते पर डाका डाल दिया और पैसे उड़ा दिए।
खाते से पैसे कटने का मैसेज देखते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना वक्त गंवाए पीड़ित ने फौरन साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और थाना महुली पुलिस से मदद की गुहार लगाई।
एक्शन मोड में पुलिस:-
हैकर्स के चंगुल से ऐसे वापस लाए पैसे-
पुलिस अधीक्षक संतकबीर नगर संदीप कुमार मीना के सख्त निर्देशन में चल रहे ‘क्रैक साइबर क्राइम अभियान’ के तहत महुली पुलिस और साइबर टीम तुरंत एक्टिव हुई।
तत्काल कार्रवाई:-
पुलिस टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर हैकर्स के जाल को ट्रैक किया।
बड़ी कामयाबी-
पुलिस की बैक टू बैक की गई कानूनी और तकनीकी घेराबंदी के आगे साइबर ठगों को घुटने टेकने पड़े।
पैसे वापस:-
आखिरकार, निरंतर प्रयासों के बाद 05 जून 2026 को पीड़ित अखिलेश यादव के खाते में ₹21,000/- की पूरी धनराशि सफलतापूर्वक वापस आ गई। पैसा वापस पाकर पीड़ित के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।
ये हैं खाकी के वो ‘सिंघम’ जिन्होंने कराई रकम वापस-
इस बड़ी कामयाबी को अंजाम देने वाली महुली पुलिस टीम में ये जांबाज शामिल रहे:
दुर्गेश पाण्डेय (थानाध्यक्ष) ।
अनुज यादव (उपनिरीक्षक)।
– कांस्टेबल अंकित पटेल।
– कांस्टेबल सोनू यादव।
– कांस्टेबल मनोज यादव।
-महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी।
संतकबीर नगर पुलिस की आम जनता से कड़क अपील:
“सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है! किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए किसी भी लिंक, कॉल या मैसेज पर भूलकर भी भरोसा न करें। अपना बैंक अकाउंट नंबर, ओटीपी (OTP), पासवर्ड या यूपीआई पिन (UPI PIN) किसी के भी साथ शेयर न करें। ऐप डाउनलोड करते वक्त सावधानी बरतें, वरना आप भी साइबर ठगों का शिकार हो सकते हैं।”
