रामगांव पहुंचकर फार्मर रजिस्ट्री शिविर का डीएम ने लिया जायज़ा ।
3 दिवस में अवशेष कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के दिये निर्देश ।
फार्मर रजिस्ट्री के लिए कृषकों को किया जागरूक
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 03 जून।
कृषि एवं एलायड विभागों द्वारा संचालित योजनाओं में फार्मर आई.डी. की अनिवार्यता को दृष्टिगत रखते हुए जनपद के शत-प्रतिशत कृषकों की फार्मर आई.डी. बनाये जाने के उद्देश्य से जनपद की ग्राम पंचायतों में संचालित किये जा रहे शिविरों का जायजा लेने के उद्देश्य जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे के साथ तहसील एवं ब्लाक महसी के ग्राम पंचायत रामगांव का भ्रमण किया। प्राथमिक विद्यालय रामगांव के परिसर में लगाये शिविर के निरीक्षण के दौरान सहायक विकास अधिकारी कृषि आर.पी. सिंह ने बताया कि लक्ष्य 192 के सापेक्ष 44 कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री की गई है। निरीक्षण दिवस की बात की जाये तो डीएम के पहुंचने तक 05 कृषकों की फार्मर आईडी तैयार की गई थी।
डीएम श्री त्रिपाठी ने उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी शिशिर कुमार वर्मा को निर्देश दिया कि 03 दिवस के अन्दर अवशेष कृषकों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार कराना सुनिश्चित करें। डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले कृषकों की खतौनी, किसान सम्मान निधि इत्यादि से सम्बन्धित यदि कोई समस्या है तो उसका भी निस्तारण कराया जाय। डीएम ने राजस्व विभाग से सम्बन्धित कार्मिकों को निर्देश दिया कि राजस्व वाद तथा चकमार्ग के सम्बन्ध में भी यदि किसी ग्रामीण या कृषक की कोई समस्या है तो उसका भी गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करायें।
डीएम श्री त्रिपाठी ने बताया कि शिविर में मौजूद कृषकों से संवाद करते हुए कहा कि फार्मर रजिस्ट्री कृषकों के लिए एक अत्यन्त महत्वपूर्ण अभिलेख है। आने वाले समय में सरकार की सभी लाभकारी योजनाएं जैसे पीएम किसान सम्मान निधि, खाद-बीज पर सब्सिडी एवं कृषि यंत्रों पर छूट इत्यादि सुविधाएं प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी का होना अनिवार्य होगा। निकट भविष्य में फार्मर रजिस्ट्री न होने पर कृषक सरकारी लाभों से वंचित भी सकते हैं।
जिलाधिकारी ने कृषकों को सुझाव दिया कि अपने आधार लिंक्ड मोबाइल, आधार नम्बर व खतौनी अथवा गाटा संख्या के साथ शिविर में आकर अथवा नज़दीकी जनसेवा केन्द्र पर जाकर या लेखपाल से सम्पर्क कर फार्मर रजिस्ट्री बनवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री बन जाने से कृषकों को क्रय केंद्रों पर गेहूं, धान, सरसों इत्यादि बेचने हेतु सत्यापन की आवश्यकता नहीं होगी, किसान क्रेडिट कार्ड मात्र तीन दिनों में बन जाएगा, आपदा से फसलों में क्षति होने पर क्षतिपूर्ति प्राप्त करने, खाद बीज सहित अन्य योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के साथ-साथ किसान सम्मान निधि के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य होगी। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी प्रतीक, लेखपाल, सचिव, पंचायत सहायक व अन्य सम्बन्धित कार्मिक मौजूद रहे।
