18 करोड़ रुपए से अधिक का GST घोटाला करने वाले 50-50 हजार के दो इनामी जालसाज दिल्ली से गिरफ्तार।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर –
आज दिनांक 02 जून 2026 को उत्तर प्रदेश की संतकबीर नगर पुलिस ने राज्य कर विभाग के साथ मिलकर एक बहुत बड़े आर्थिक अपराध का भंडाफोड़ किया है।
पुलिस ने फर्जी बिल और बिना चालान के माल बेचने के नाम पर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगाने वाले 50-50 हजार रुपये के दो इनामी अभियुक्तों को देश की राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के पास से 02 अदद मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में मिली सफलता ।
पुलिस अधीक्षक संतकबीर नगर संदीप कुमार मीना द्वारा अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद *प्रियम राजशेखर पाण्डेय के निकट पर्यवेक्षण में एक विशेष टीम का गठन किया गया था।
प्रभारी निरीक्षक थाना मेंहदवावल राकेश कुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दुबे के नेतृत्व वाली इस संयुक्त टीम ने दिल्ली के हरिनगर क्लॉक टावर मोहल्ले से दोनों शातिर अपराधियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान –
पकड़े गए दोनों आरोपी काफी समय से फरार चल रहे थे और पुलिस ने इन पर इनाम घोषित कर रखा था:
1. सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी: पुत्र स्व० चन्द्रप्रकाश अग्रवाल (निवासी: हरिनगर घंटाघर, नई दिल्ली; हाल मुकाम: समृद्धि अपार्टमेंट, सेक्टर 18, द्वारका, नई दिल्ली)।
2. अजीत कुमार: पुत्र रामप्रकाश ठाकुर (निवासी: कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालन कालोनी, थाना सागरपुर, नई दिल्ली)।
करोड़ों के घोटाले का ऐसे हुआ भंडाफोड़ (घटना का विवरण) –
इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब दिनांक 03 जुलाई 2025 को राज्य कर खण्ड-1 संतकबीरनगर के सहायक आयुक्त अरविन्द कुमार ने कोतवाली खलीलाबाद में तहरीर दी।
फर्जी आईटीसी (ITC) का खेल: जांच में सामने आया कि ‘सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज’ नामक फर्म द्वारा बिना किसी वास्तविक इनवर्ड सप्लाई (खरीद) के, सिर्फ फर्जी इनवॉइस के माध्यम से भारी-भरकम आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई।
₹18.96 करोड़ का चूना: इस गिरोह ने मई 2025 के जीएसटी रिटर्न में ₹18,96,53,679 की बोगस फर्जी आईटीसी पास की और जीएसटीआर-3बी में बिना माल प्राप्त किए ₹18,96,80,190 का बोगस क्लेम किया।
फर्जी फर्मों का जाल: आरोपियों ने ‘श्री अल्फा इंटरप्राइजेज’ (गुरुग्राम) और ‘सर्व श्री राधे इंटरप्राइजेज’ (दिल्ली) जैसी फर्जी कागजी फर्में बनाकर सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाई।
इस मामले में संलिप्त दो अन्य मुख्य अभियुक्तों (संदीप कुमार और अमन उपाध्याय) को पुलिस द्वारा पहले ही 13 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
अपराध का अनोखा तरीका:- ‘सर्कुलर ट्रेडिंग’ और वॉट्सऐप ग्रुप ।
पुलिस की पूछताछ और जांच में इन जालसाजों के काम करने के बेहद शातिर तरीके का पता चला है:
अस्तित्वहीन फर्में: ये लोग सरकारी पोर्टल पर ऐसी फर्में रजिस्टर्ड कराते थे जिनका जमीन पर कोई अस्तित्व ही नहीं था।
वॉट्सऐप से डेटा ट्रांसफर: गिरोह के सदस्य आपस में जुड़े वॉट्सऐप ग्रुपों के जरिए डेटा ट्रांसफर करते थे।
‘बीजी सॉफ्टवेयर’ का खेल: अमन नाम का आरोपी लैपटॉप में विशेष ‘बीजी सॉफ्टवेयर’ (BG Software) का उपयोग कर फर्जी प्रपत्रों के आधार पर फर्मों का रजिस्ट्रेशन, फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करता था।
सर्कुलर ट्रेडिंग (Circular Trading): फर्जी खरीद को असली दिखाने के लिए ये लोग बोगस फर्मों के बैंक खातों में पैसे भेजते थे, जिसे बाद में कई खातों में घुमाकर (सर्कुलर ट्रेडिंग) या कैश निकालकर वापस ले लिया जाता था। इसी कागजी खेल के दम पर वास्तविक फर्में भारी-भरकम इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम कर टैक्स चोरी करती थीं।
गिरफ्तार करने वाली टीम में शामिल जांबाज –
इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने में संतकबीरनगर पुलिस और लखनऊ एसटीएफ (STF) की संयुक्त भूमिका रही:
थाना मेंहदवावल पुलिस: प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह, का० धीरेन्द्र प्रताप सिंह, का० अनिकेश यादव।
लखनऊ एसटीएफ: निरीक्षक शैलेन्द्र कुमार, हे० का० बीर प्रताप, हे० का० अजीत कुमार सिंह, हे०का० सुरेश सिंह, हे०का० मुनेन्द्र सिंह।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं (318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस व 66, 66डी आईटी एक्ट एवं धारा 132 जीएसटी एक्ट) के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक ने इस बड़ी सफलता के लिए पूरी टीम की सराहना की है।
संदीप कुमार मीना – (पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर)
