शिक्षा मित्रों के मानदेय बढ़ोत्तरी के उपलक्ष्य में आडिटोरियम में आयोजित हुआ शिक्षक सम्मान समारोह।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का हुआ सजीव प्रसारण।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच 05 मई।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों के मानदेय को रू. 10 हज़ार से बढ़ाकर रू. 18 हज़ार करने की ऐतिहासिक वृद्धि किए जाने के उपलक्ष्य में कपूरथला परिसर स्थित उत्थान आडिटोरियम में आयोजित भव्य शिक्षक सम्मान समारोह का एम.एल.सी. डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, विधायक पयागपुर सुभाष त्रिपाठी, विधायक बलहा श्रीमती सरोज सोनकर, विधायक नानपारा राम निवास वर्मा द्वारा जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह व अन्य अतिथियों एवं अधिकारियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर शुभारम्भ किया गया। तत्पश्चात समारोह में मौजूद अतिथि को पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान में मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की अध्यक्षता में जनपद गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह कार्यक्रम एवं उदबोधन का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। सजीव प्रसारण को मौजूद जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, गणमान्य व संभ्रान्तजन तथा बढ़ी संख्या में उपस्थित शिक्षा मित्रों द्वारा देखा व सुना गया। सरकार द्वारा शिक्षा मित्रों का मानदेय रू. 10,000 से बढ़ाकर रू.18,000 किए जाने पर समस्त शिक्षा मित्रों में उत्साह, प्रसन्नता एवं आभार का वातावरण देखने को मिला।

सम्मान समारोह को सम्बोधित करते हुए विधायक बलहा श्रीमती सोनकर ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार सदैव शिक्षकों एवं शिक्षा मित्रों के सम्मान और हितों के प्रति संवेदनशील रही है। मानदेय वृद्धि का यह निर्णय शिक्षा मित्रों के परिश्रम का सम्मान है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मित्र गांव-गांव में शिक्षा की रोशनी फैलाने का कार्य कर रहे हैं। विधायक नानपारा श्री वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा मित्रों ने कठिन परिस्थितियों में भी विद्यालयों को सशक्त बनाने का कार्य किया है। सरकार ने उनके समर्पण को पहचानते हुए यह बड़ा निर्णय लिया है, जिससे उनके परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा।

विधायक पयागपुर श्री त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मित्र केवल शिक्षक नहीं बल्कि समाज निर्माण के शिल्पी हैं। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मानदेय वृद्धि से उनमें नई ऊर्जा का संचार होगा। एमएलसी डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा मित्रों का सम्मान और उनके जीवन स्तर में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी शिक्षा मित्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय उनके धैर्य और सेवा भावना की जीत है।

जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मित्र जनपद की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में उनका योगदान उल्लेखनीय है। उन्होंने सभी शिक्षा मित्रों से बच्चों की शिक्षा में और अधिक नवाचार अपनाने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी श्री धनवंता ने कहा कि शिक्षा मित्र राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उनके योगदान से ही समाज में जागरूकता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री सिंह ने कहा कि शिक्षा मित्रों का समर्पण और अनुशासन सदैव प्रेरणादायक रहा है। सरकार के इस निर्णय से उनमें उत्साह बढ़ेगा और विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण बनेगा।

सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान 10 चयनित शिक्षा मित्रों को प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षा मित्रों ने सरकार, जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन का आभार व्यक्त किया। शिक्षा मित्र संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह दिन शिक्षा मित्रों के इतिहास में स्वर्णिम दिवस के रूप में याद किया जाएगा। समारोह का संचालन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ तथा अंत में सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं उपस्थित शिक्षा मित्रों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया। यह आयोजन शिक्षा मित्रों के सम्मान, संगठनात्मक एकता एवं उत्साहवर्धन का प्रतीक बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मित्र संघ के विभिन्न पदाधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
