संत कबीर नगर – मगहर। जलकुंभी ने आमी के जल पर जमाया कब्जा, जिम्मेदार मौन!
– प्रदूषण से कराहने वाली आमी नदी में दूर दूर तक दिख रही जलकुंभी
मगहर – संत कबीर नगर।
कबीर की अमियां (आमी नदी) कही जाने वाली आमी नदी प्रदूषण से कराह रही थी।इस बीच दो दिन की बरसात में जलकुंभी का जमावड़ा लग गया है।जिसके कारण आमी नदी में पानी की सतह के बजाय घाटों पर जलकुंभी ही दिखाई दे रही है।इसकी सफा सफाई के लिए जिम्मेदार सुधि नहीं ले रहे हैं।
संत कबीर की महापरिनिर्वाण स्थली के निकट से प्रवाहित होने वाली आमी नदी में जहां उद्योगों के प्रदूषित जल और नगर निकायों के अपशिष्ट जल के गिरने से उसका जल पीने योग्य नहीं रह गया है। प्रदूषित होने से नदी के जल स्रोत बंद हो चुके हैं।नदी की साफ सफाई वर्ष 2018 में पीएम मोदी के आगमन होने के दौरान हुआ था।उसके बाद से किसी ने कबीर की अमिया की ओर मुड़ कर नहीं देखा।जिसके कारण आज स्थिति यह है कि नदी अपने अस्तित्व पर आंसू बहा रही है। इसी बीच पिछले दो दिन में हुई मानसूनी बरसात के पानी के साथ भारी मात्रा में जल कुंभी बह कर आई है।कबीर बाउली से पंचवटी शिव मंदिर के घाट से नवदरिया पुल तक जल कुंभी ही दिखाई दे रहा है।घाटों पर जलकुंभी होने से लोगों ने नदी में नहाना धोना बंद कर दिया है।जल कुंभी को साफ कराने के लिए किसी जिम्मेदार ने सुधि नहीं लिया है।इस संबंध कबीर मठ के महंत विचार दास ने बताया कि भारत सरकार व प्रदेश सरकार ने नदियों को साफ सफाई करने के लिए नमामि गंगे योजना को चला रही है। जिसमें आमी नदी को भी शामिल करना चाहिए।ताकि आमी नदी को विशेष अभियान चला कर साफ सफाई करने की व्यवस्था सके। इस संबंध में डीपीओ प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि आमी नदी की साफ सफाई के बारे में नगर पंचायत ईओ ही बता सकते हैं। उनके विभाग से आमी नदी की सफाई का कोई बजट नहीं मिलता है। चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रत्येक वर्ष जलकुंभी आ कर लग जाती है जिसे हटवाया जाता है शीघ्र ही इसे हटवाया जाएगा।
