गरीबों की सहायता के नाम पर 90 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार।
ब्यूरो रिपोर्ट-के0पी0 मौर्य
संतकबीरनगर-
दिनांक 21 अगस्त 2026 को संतकबीरनगर पुलिस ने गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर और आर्थिक सहायता के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।
महुली पुलिस ने प्रगति फिनसर्व कम्पनी में फर्जी दस्तावेजों के जरिए करीब 90 लाख रुपये की गबन और ठगी के मामले में वांछित 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
आपको बताते चलें कि दिनांक 21फरवरी 2026 को प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड, नाथनगर मुखलिसपुर (थाना महुली) के क्षेत्रीय प्रबंधक रघुवीर पुत्र हरिलाल ने थाना महुली पर प्रार्थना पत्र दिया था।
पीड़ित का आरोप था कि कम्पनी के ब्रांच मैनेजर अभय कुमार तिवारी (ब्रांच मैनेजर) – पुत्र गुनेश्वर तिवारी, निवासी बरियारपुर, थाना सहतवार, जिला बलिया।
वीरेन्द्र – पुत्र बेदराम, निवासी रामनगर मुडौल, रायपुर खास, थाना कायमगंज, जिला फर्रुखाबाद (बैंक मित्रा)।
शिवा वर्मा – पुत्र राजकिशोर वर्मा, निवासी आमा, थाना पैकोलिया, जिला बस्ती (प्रगति पद)।
अकरम हुसैन – पुत्र अली राजा, निवासी कुरिया एकदंगा, भावपुर ग्राट, थाना शोहरतगढ़, जिला सिद्धार्थनगर (प्रगति मित्र) व्यक्तियों ने आपस में मिलीभगत कर गरीब व जरूरतमंद लोगों को ट्रस्ट के माध्यम से आर्थिक सहायता और धनराशि दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी की। आरोपियों ने धनराशि वापस लेकर कम्पनी के साथ बड़े पैमाने पर गबन किया, जिससे लगभग 90 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई। इस मामले में थाना महुली पर मु0अ0सं0 67/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें बाद में धारा 319(2), 338, 336(3), 339 बीएनएस की भी बढ़ोतरी की गई।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे पूर्व में प्रगति फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड की मुखलिसपुर बाजार शाखा में कार्यरत थे, जहाँ बैंक में कुछ घोटाला हो जाने के बाद वे भागे हुए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए वे हाईकोर्ट भी गए थे, परन्तु उनके पक्ष में आदेश न मिलने के कारण वे लगातार फरार चल रहे थे।
इस पूरी कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन तथा क्षेत्राधिकारी धनघटा श्री अभयनाथ मिश्र के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष महुली श्री दुर्गेश पाण्डेय के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा अंजाम दिया गया।
चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया। बाकी इनसे संबंधित लोगों और साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
