बेसहारा गोवंश की मौतों पर गरमाई सियासत! विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश मंत्री श्याम नारायण तिवारी ने गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष को सौंपा सुलगता ज्ञापन।
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सन्त कबीर नगर में प्रशासनिक लापरवाही पर फूटा गुस्सा, सड़क से लेकर रेल की पटरियों तक दम तोड़ रहे बेकसूर गोवंश!
खलीलाबाद – संत कबीर नगर।
उत्तर प्रदेश में गोवंश की सुरक्षा और उनके संरक्षण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्व हिन्दू महासंघ (गौ रक्षा प्रकोष्ठ) के प्रदेश मंत्री श्याम नारायण तिवारी ‘श्यामू’ ने उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त) महेश शुक्ल को एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और नगरपालिका परिषद खलीलाबाद की कार्यप्रणाली पर बड़े सवालिया निशान लग गए हैं।
- ज्ञापन की सनसनीखेज मुख्य बातें –
हाईवे और रेल की पटरियों पर हो रही बेसहारा गोवंश की दर्दनाक मौतें – खलीलाबाद एरिया अंतर्गत खुले में विचरने वाले छूटे व असहाय गोवंश आए दिन तेज रफ्तार वाहनों और ट्रेनों की चपेट में आकर दर्दनाक मौत का शिकार हो रहे हैं।
नगरपालिका अधिकारियों की संवेदनहीनता – मृत गोवंशों को दफनाने के लिए जगह न होने का रोना रोते हुए नगरपालिका खलीलाबाद के अधिशाषी अधिकारी और बाबू सीधे तौर पर पल्ला झाड़ रहे हैं, और तो और वे मृत गोवंशों को दफनाने के लिए प्रार्थी से ही जमीन देने की अजीब मांग कर रहे हैं।
सड़कों पर सड़ रहे शव, फैल रहा गंभीर प्रदूषण – मृत गोवंश कई-कई दिनों तक घटना स्थल पर ही पड़े-पड़े सड़ते-गलते रहते हैं, जिससे आसपास के वातावरण में भयंकर प्रदूषण फैल रहा है और महामारी का खतरा मंडरा रहा है।
श्याम नारायण तिवारी की कड़ी मांगें –
1. भूमि का हो चिंक्तांकन – नगरपालिका एरिया के भीतर मृत जानवरों को ठिकाने लगाने के लिए तुरंत जमीन चिन्हित की जाए।
2. कैटल कैचर और जेसीबी की व्यवस्था – पूरे संत कबीर नगर जिले में दुर्घटना में घायल गोवंश व अन्य जीवों को लाने-ले जाने के लिए समस्त नगरपालिका परिषदों और ब्लॉकों पर कैटल कैचर वाहन एवं जैसी.बी. वाहन की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
3. जिलाधिकारी को सख्त निर्देश और 24 घंटे पशु डॉक्टर की तैनाती – इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी संत कबीर नगर को कड़े निर्देश दिए जाएं तथा जिला पशु चिकित्सालय में आकस्मिक घायल गोवंश के इलाज हेतु 24 घंटे किसी न किसी पशु डॉक्टर की ड्यूटी अनिवार्य रूप से लगाई जाए।
