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खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को दी गई आधुनिक खेती की जानकारी !

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पराली प्रबंधन, जीरो टिलेज और मृदा संरक्षण के प्रति किसानों को किया जागरूक!

रिसिया व फखरपुर के चार गांवों में आयोजित हुई किसान जागरूकता गोष्ठी !

ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद

 आज का भारत लाइव

रिसिया/बहराइच !

आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में छह दिवसीय खेत बचाओ अभियान के अंतर्गत मंगलवार को किसान जागरूकता गोष्ठियों का आयोजन किया गया। ब्लॉक रिसिया एवं फखरपुर के ग्राम जहानचक, पंचायत बंगला चक, भैंसाही, टेड़वा महंत और रौंदौपुर में आयोजित गोष्ठियों में किसानों को आधुनिक एवं जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई।

गोष्ठी में अधिकारियों ने किसानों को पराली प्रबंधन, जीरो टिलेज (शून्य जुताई) विधि से गेहूं की बुवाई, बीज उपचार, मृदा उपचार तथा फसलों में बेसल डोज के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि फसल अवशेषों को जलाने से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचता है। ऐसे में किसानों को पराली जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करना चाहिए।

अधिकारियों ने बताया कि जीरो टिलेज जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता एवं उर्वरता को बनाए रखने में मदद मिलती है। इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है।

इस दौरान अधिकारियों ने गोष्ठी की गतिविधियों और किसानों की सहभागिता का जायजा लिया। साथ ही अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि टिकाऊ एवं जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को कृषि भूमि का संरक्षण करने, फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया गया।

खेत बचेंगे तो मिट्टी की उर्वरता बढ़ेगी। पराली का उचित प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल ही लाभकारी खेती तथा सुरक्षित पर्यावरण का आधार है।

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