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आंधी-तूफान और तेज बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी।

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धान की फसल बर्बाद- मुआवजे की मांग को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा पत्र।

ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य

संतकबीरनगर-

जनपद अंतर्गत हाल ही में आए प्राकृतिक चक्रवाती तूफान, आंधी और तेज बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है।

किसानों की इस समस्या को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रदेश सचिव अब्दुल अज़ीम ने जिलाधिकारी संतकबीरनगर को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

आपको बताते चलें कि अब्दुल अज़ीम ने अपने पत्र में बताया कि प्राकृतिक आपदा के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल गिरकर बर्बाद हो गई है।

किसानों ने बड़ी मेहनत और लागत लगाकर अपनी फसल तैयार की थी, लेकिन कुछ ही समय में आई आंधी और तेज बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

उन्होंने कहा कि किसान आठ से दस दिनों में धान की कटाई करने की तैयारी में थे, लेकिन अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने उनकी पूरी मेहनत पर पानी फेर दिया।

अब किसानों के सामने फसल की बर्बादी के साथ आर्थिक नुकसान की दोहरी चुनौती खड़ी हो गई है।

प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग

 

प्रदेश सचिव अब्दुल अज़ीम ने जिलाधिकारी से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर प्रभावित क्षेत्रों में फसलों के नुकसान का स्थलीय सर्वेक्षण कराया जाए। नुकसान का उचित आकलन कराकर शासन की नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाया जाए, जिससे किसानों को इस कठिन परिस्थिति में आर्थिक राहत मिल सके।

उन्होंने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है।

प्राकृतिक आपदा से फसल को हुए नुकसान के बाद अब प्रभावित किसानों की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द सर्वे कराकर नुकसान का आकलन करेगा और उन्हें उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा।

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