संतकबीर नगर पुलिस का ‘ऑपरेशन सुपरफास्ट’ , महज 12 घंटे में ही ढूंढ निकाला 11 साल का मासूम ।
– गोरखपुर के रामगढ़ताल से मिली बड़ी कामयाबी!
– खलीलाबाद पुलिस की मुस्तैदी के आगे पस्त हुई किस्मत।
– सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन से खुली लापता बालक की मिस्ट्री!
संतकबीर नगर – खलीलाबाद ।
जनपद संतकबीरनगर से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है! खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के हैडिल कॉलोनी से अचानक गायब हुए 11 साल के मासूम रघुराज यादव को पुलिस ने अपनी सूझबूझ और बिजली जैसी फुर्ती से महज 12 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस हैरतअंगेज तत्परता को देखकर हर कोई दंग है और परिजनों की आंखों से बह रहे आंसू अब खुशी में बदल चुके हैं।
दहशत का वो पल: जब घर से अचानक गायब हुआ मासूम !
मामला 11 जून 2026 का है। हैडिल कॉलोनी के रहने वाले शैलेंद्र कुमार यादव का 11 वर्षीय बेटा रघुराज यादव दोपहर के करीब 12 बजे अचानक घर से बिना कुछ बताए कहीं निकल गया। काफी खोजबीन के बाद जब मासूम का कहीं पता नहीं चला, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। अनहोनी की आशंका से कांपते हुए पिता सीधे कोतवाली खलीलाबाद पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी।
एक्शन में ‘खाकी’: कप्तान के निर्देश पर बिछाया गया जाल !
बच्चे की गुमशुदगी की खबर मिलते ही संतकबीरनगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने तुरंत कड़े निर्देश जारी किए। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के करीबी पर्यवेक्षण में खलीलाबाद पुलिस ने बिना एक पल गंवाए ‘मिशन सर्च’ शुरू कर दिया।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से ऐसे दबोचा सुराग !
तितौवा चौकी प्रभारी हरिकेश बहादुर सिंह अपनी पूरी टीम के साथ मैदान में उतर गए। एक तरफ जहां शहर के चप्पे-चप्पे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जाने लगे, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए मोबाइल नंबर की लोकेशन को ट्रैक किया गया।
हाई-वोल्टेज चेस-
जैसे ही पुलिस को मोबाइल की लोकेशन जनपद गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र में मिली, पुलिस की टीम पीड़ित पिता को साथ लेकर तुरंत गोरखपुर के लिए रवाना हो गई। आखिरकार, कड़ी मशक्कत और सटीक रणनीति के बल पर पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर मासूम रघुराज को रामगढ़ताल इलाके से सकुशल बरामद कर लिया!
परिजनों ने कहा- ‘पुलिस हो तो ऐसी!’
राहत की बात यह रही कि जांच में बच्चे के साथ किसी भी प्रकार की अप्रिय या आपराधिक घटना होने की बात सामने नहीं आई है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मासूम को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। अपने कलेजे के टुकड़े को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों का गला भर आया। उन्होंने संतकबीरनगर पुलिस की इस सिंघम स्टाइल संवेदनशीलता और रफ्तार की जमकर तारीफ की और पूरी टीम का दिल से आभार जताया।
खलीलाबाद पुलिस की इस कामयाबी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर पुलिस ठान ले, तो नामुमकिन कुछ भी नहीं!
