खलीलाबाद: एक सप्ताह से जलापूर्ति ठप, फूटा गुस्सा, नपाप बोर्ड भंग करने और ईओ पर कार्रवाई की मांग !
संतकबीर नगर ।
खलीलाबाद नगरपालिका परिषद क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से गहराए जलसंकट और ऐतिहासिक पक्का पोखरा को सुखाए जाने के विरोध में जनआक्रोश भड़क उठा है। शहर के सभी वार्डों में पानी की सप्लाई ठप होने और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता से नाराज एक पांच सदस्यीय संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को एक मांगपत्र सौंपकर जनविरोधी रवैया अपनाने वाले नगरपालिका परिषद बोर्ड को भंग करने की सिफारिश शासन से करने की पुरजोर मांग की है।
‘जवाब न देने वाले ईओ को किया जाए निलंबित-
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कहा कि जनता पानी की बूंद-बूंद को तरस रही है, लेकिन बोर्ड का कोई भी सदस्य अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि अधिशासी अधिकारी (ईओ) इस बदहाली पर उचित जवाब देने में आनाकानी करते हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना चाहिए।
ऐतिहासिक पक्का पोखरा सूखा, पशु-पक्षियों के सामने जीवन का संकट –
नेताओं ने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि जहां भीषण गर्मी में लोग बेजुबान पशु-पक्षियों के लिए ताल-तलैया और सरोवरों को पानी से भरते हैं, वहीं खलीलाबाद नपाप में इसके उलट काम हो रहा है। नगरपालिका परिषद के ठीक पूर्व में स्थित ऐतिहासिक व प्राचीन पक्का पोखरा पिछले एक महीने से अधिक समय से सूखा पड़ा है। पानी सुखा दिए जाने के कारण स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ बेजुबान पशु-पक्षियों के सामने भी पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस कॉलोनी के पास गंदगी का अंबार, संक्रामक बीमारियों का खतरा –
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी का ध्यान एक और गंभीर समस्या की ओर आकर्षित करते हुए बताया कि इसी सूखे हुए प्राचीन पक्के पोखरे से सटी पूर्व दिशा में पुलिस कॉलोनी की दीवार है। इस भीषण तपन और चिलचिलाती गर्मी में इस दीवार के पास गंदगी का भारी अंबार लगा दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लापरवाही किसी बड़े जानलेवा संक्रामक रोग (महामारी) को दावत दे रही है, जिसे रोकने के लिए जिला प्रशासन का तत्काल हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।
प्रतिनिधिमंडल में ये प्रमुख नेता रहे शामिल –
ज्वलंत जनसमस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मिलने वाले इस पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से शामिल रहे –
हरजीत कान्दू : लीडर – भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) एवं बस्ती मंडल प्रभारी – जनवादी महिला समिति।
मोहम्मद हदीस : पूर्व प्रधान व जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता (नेदुला)।
शुभानुल्लाह : फायरब्रांड नेता – भारतीय युवा कांग्रेस।
मो. नसीम अंसारी – समाजवादी पार्टी के नेता एवं ‘आज़ाद न्यूज़’ के स्टॉफ रिपोर्टर।
शिवकुमार गुप्ता : अध्यक्ष – लोकतंत्र रक्षक सेनानी एकता परिषद, उत्तर प्रदेश (कैंप संत कबीर नगर)।
नोट – प्रतिनिधिमंडल ने साफ किया है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं की गई और पोखरे व स्वच्छता की स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे जनता के हक के लिए उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
