खलीलाबाद में 10 मई को गूंजेगा सुभासपा का शक्ति प्रदर्शन।
सामाजिक समरसता महारैली’ को लेकर तैयारियां तेज, 2027 के चुनावी रण का होगा शंखनाद ।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर-
आज दिनांक 08 मई 2026 को संत कबीर नगर जनपद अंतर्गत खलीलाबाद के जूनियर हाईस्कूल के प्रांगड़ में ओमप्रकाश राजभर की सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा )की आगामी 10 मई 2026 को होने वाली सामाजिक समरसता महा रैली की तैयारियां जोरो शोरो से चल रहा है पार्टी के कार्यकर्ता तैयारियों को लेकर तत्पर दिखे।
आपको बताते चले की जनपद संत कबीर नगर की सियासत में 10 मई दिन रविवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। क्योंकि खलीलाबाद के जूनियर हाईस्कूल प्रांगण में आयोजित होने वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ( सुभासपा) की ‘सामाजिक समरसता महारैली’ को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
सुभासपा पार्टी इस रैली को 2027 विधानसभा चुनाव के बड़े राजनीतिक संदेश और शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रही है।
इस सामाजिक समरसता महा रैली में ओमप्रकाश राजभर के आगमन से संत कबीर नगर के राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है।
ओमप्रकाश राजभर के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र सिंह ने बताया कि महारैली का आयोजन 10 मई को सुबह 11 बजे से होगा, जिसमें हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ओमप्रकाश राजभर जनता को संबोधित करेंगे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अरविंद राजभर भी मौजूद रहेंगे।
राजनीतिक गलियारों में इस समरसता महा रैली को जिले में सुभासपा की अब तक के सबसे बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
पार्टी सामाजिक समरसता, पिछड़ों, वंचितों और सर्वसमाज को जोड़ने के संदेश के साथ संगठन की ताकत दिखाने की तैयारी में जुटी हुई है।
रैली को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर लोगों को आमंत्रित कर रहे हैं। जगह-जगह जनसंपर्क अभियान चल रहा है और समर्थकों में अच्छा खासा उत्साह नजर आ रहा है।
पार्टी नेताओं का दावा है कि यह महारैली जिले की राजनीति में नया संदेश देने का काम करेगी।
नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और जन-सरोकारों को मजबूत करने का अभियान है।
माना जा रहा है कि खलीलाबाद में होने वाली यह महारैली आने वाले चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकती है और जिले की सियासत को नई दिशा दे सकती है जिससे आने वाले 2027 में अन्य पार्टियों के चुनावी समीकरण बिगड़ भी सकती है।
