पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाये – सीडीओ ।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच 01 मई।
गुरूवार को देर शाम विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता की अध्यक्षता में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की मासिक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। समीक्षा के दौरान जनपद में उपलब्ध राशन कार्ड डेटा (पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय) के विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि कि अभी भी बड़ी संख्या में राशन कार्ड धारक परिवारों की महिलाएं समूहों से नहीं जुड़ी हैं। इस सम्बन्ध में सीडीओ द्वारा सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि शासन के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्र की समस्त पात्र एवं निर्धन परिवारों की महिलाओं को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों से आच्छादित किया जाय।
सीडीओ श्री धनवंता ने निर्देश दिया कि ग्राम पंचायत वार उपलब्ध राशन कार्ड धारकों की सूची का मिलान वर्तमान में गठित समूहों की सदस्य सूची से किया जाए। डेटा मिलान एवं चिन्हांकन के दौरान जो पात्र परिवार समूहों से वंचित हैं, उनकी पृथक सूची तैयार की जाए। सीडीओ ने कहा कि पात्रता रखने वाले सभी वंचित महिलाओं का नाम समूहों से जोड़ने तथा छूटे हुए परिवारों की महिलाओं को समूह की कार्यप्रणाली और लाभों जैसे-रिवॉल्विंग फंड, सीआईएफ, एवं स्वरोजगार के बारे में जानकारी देने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में विशेष ग्राम सम्पर्क अभियान चलाया जाय। उन्होंने कहा कि जहां पर आवश्यकता हो, वहां 10-12 महिलाओं को जोड़कर नवीन स्वयं सहायता समूहों का गठन सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी पूर्व संचालित समूह में स्थान रिक्त है, तो वहां इन महिलाओं को सम्मिलित किया जाए।
सीडीओ श्री धनवंता ने ब्लाक मिशन मैनेजर्स को निर्देश दिया कि आवंटित लक्ष्यों के सापेक्ष साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट विकास भवन में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करनी होगी, लक्ष्यों की प्राप्ति में शिथिलता को गंभीरता से लिया जाएगा। समस्त बीडीओ एवं एडीओ (ग्राम्य विकास) को निर्देश दिया गया कि अपने स्तर से ग्राम सचिवों और ग्राम रोजगार सहायकों को इस कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। आजीविका संवर्धन एवं लखपति दीदी अभियान की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी लखपति दीदी योजना के तहत चिन्हित महिलाओं को कृषि, पशुपालन एवं लघु उद्योगों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।
फंड का समयबद्ध आवंटन सुनिश्चित कराने हेतु निर्देशित किया गया कि नवीन गठित स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि का वितरण तत्काल सुनिश्चित किया जाए ताकि ग्रामीण स्तर पर स्वः रोजगार के अवसर सृजित हो सकें। उन्होंने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को उचित बाज़ार उपलब्ध कराने हेतु विकास भवन या सार्वजनिक स्थलों पर सरस आउटलेट की स्थापना एवं प्रदर्शनी आयोजन को प्राथमिकता प्रदान की जाय। सीडीओ ने निर्देश दिया कि सभी मिशन कर्मी फील्ड में जाकर समूहों का सत्यापन कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहने पाये।
बैठक का संचालन उपायुक्त स्वतः रोज़गार धनंजय सिंह ने किया। इस अवसर पर जनपद के जिला मिशन प्रबन्धक, समस्त खंड विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) एवं ब्लॉक मिशन मैनेजर सहित अन्य सम्बन्धित मौजूद रहे।
