सीडीओ की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न।
विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों की बिन्दुवार हुई गहन समीक्षा।
कुष्ठ उन्मूलन में बहराइच प्रदेश में अव्वल।
एनआरसी में कम बच्चे भर्ती रहने पर जताई नाराजगी।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच 01 मई।
मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपन्न हुई। विकास भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की बिन्दुवार गहन समीक्षा की गई। कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम में जनपद को पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान मिलने पर सीडीओ ने स्वास्थ्य विभाग की टीम की सराहना की और स्क्रीनिंग अभियान को निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। वहीं, दूसरी ओर पोषण पुनर्वास केंद्र में बेड एक्यूपेंसी रेट 55 फीसदी रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई और आशा एवं आंगनवाड़ी के माध्यम से अति कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें सुपोषित किया जा सके।
आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने का प्रयास किया जाए इस हेतु एक अलग बैठक आयोजित कर ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए। परिवार कल्याण कार्यक्रम में खराब प्रगति वाले क्षेत्रों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। सीएमओ डॉ. संजय कुमार ने मार्च एवं अप्रैल का मानदेय लंबित होने की जानकारी दी, इसके लिए सीडीओ ने बजट प्राप्त होते ही आशाओं व अन्य कर्मचारियों का भुगतान अविलंब करने के निर्देश दिए।
सीडीओ द्वारा क्षय रोग उन्मूलन के तहत स्क्रीनिंग व उपचार सुनिश्चित करने और चिह्नित टीबी मरीजों को गोद लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष बल दिया गया। आयुष्मान भारत डिजिटल हेल्थ मिशन के अंतर्गत समस्त लाभार्थियों की आभा आई-डी बनाने का काम निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए गए जिससे समस्त लाभार्थियों की आभा आईडी बनाई जा सके। ई-संजीवनी कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी सीएचसी अधीक्षकों को लक्ष्य के अनुसार प्रतिदिन कम से कम पांच मरीजों को पोर्टल के जरिए विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श दिलाने के निर्देश दिए।
टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में लोग बच्चों के टीकाकरण से इनकार कर रहे हैं, उनकी पहचान कर विशेष टीमें गठित की जाएं और पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्कूलों में चल रहे डिप्थीरिया टीकाकरण अभियान की भी समीक्षा की गई। साथ ही अन्य संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा कर प्रगति में सुधार हेतु दिशा निर्देश दिए गए। आरबीएसके कार्यक्रम के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए मेडिकल टीमों को निर्देशित किया गया कि वे स्वास्थ्य परीक्षण से दो दिन पूर्व संबंधित संस्थान को अनिवार्य रूप से सूचित करें। ताकि शत-प्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित हो सके।
बैठक के अन्त में मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बेहतर अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लागू किया जाए और जिन क्षेत्रों या कार्यक्रमों में प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष रणनीति बनाकर तेजी लाई जाए। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. संतोष राणा व डॉ. राजेश कुमार, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एम.एल. वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, डीएचईआईओ बृजेश सिंह, डीपीओ निहारिका विश्वकर्मा, डीपीआरओ चन्द्रभान सिंह, बीईओ रंजीत कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, जेएसआई, पीएफआई के प्रतिनिधि और सभी ब्लॉकों के सीएचसी अधीक्षक व अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।
