किसान की मौत के बाद खतौनी में दर्ज कर दिया गैर वारिसों का नाम ।
धनघटा तहसील के नावन खुर्द का मामला ,पीड़ित ने थक हार लगाई न्यायालय में गुहार ।
धनघटा – सन्तकबीर नगर ।
धनघटा तहसील में लेखपालों की मनमानी का मामला एक बार फिर सामने आया है। पिता की मौत के बाद हल्का लेखपाल ने बिना जांच पड़ताल किये गैर वारिसों का नाम खतौनी में दर्ज कर लिया। इसकी जानकारी उस समय हुई जब पीड़ित फार्मर रजिस्ट्री हेतु खतौनी निकालने तहसील पहुंचा।
जानकारी के अनुसार धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम नावन खुर्द निवासी मुहम्मद जावेद की लगभग 12 वर्ष पूर्व मौत हो गयी थी। मौत के बाद खतौनी में उनकी पत्नी अलीमुनिशा व बेटे जावेद, परवेज, अहमद का नाम दर्ज किया जाना था लेकिन हल्का लेखपाल की मनमानी से गांव के अन्य परिवार से जुड़ी शहजादी, शीबा पुत्री अमीनुल्लाह का नाम खतौनी में दर्ज किया गया। इस बाद कि बात की जानकारी उस समय हुई जब मृतक मुहम्मद रफीक का बेटा जावेद पिछले नौ अप्रैल को फार्मर रजिस्ट्री कराने हेतु खतौनी निकालने हेतु धनघटा तहसील पहुंचा। खतौनी में दूसरे परिवार के लोगो के नाम दर्ज देख उसके पैर नीचे जमीन खिसक गई। खतौनी में नाम दुरुस्ती के लिए वह कई बार अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया। तहसील का लम्बे समय से चक्कर लगाने के बाद भी खतौनी में सुधार नही हुआ। लगा। जिससे थक हार पीड़ित जावेद ने न्यायालय की शरण लिया।
इस संबन्ध में तहसीलदार धनघटा रामजी ने बताया कि प्रकरण की जांच की जाएगी। यदि खतौनी में त्रुटि है तो हल्का लेखपाल को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया जाएगा।
