डेढ़ महीने से भटक रहा रेडियोग्राफर का परिवार,पुलिस की सुस्त जांच पर उठे रहे सवाल।
डेढ़ महीने से भटक रहा रेडियोग्राफर का परिवार,पुलिस की सुस्त जांच पर उठे रहे सवाल।
धनघटा – संतकबीर नगर ।
धनघटा थाना क्षेत्र के गोपीपुर गांव निवासी 24 वर्षीय रेडियोग्राफर रजत पांडेय के लापता होने के करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं। मामले में कोई ठोस सुराग न मिलने से जहां परिजन बदहवास हैं, वहीं पुलिस की सुस्त कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
दरसल रजत पांडेय पुत्र सतीश चंद्र पांडेय दिल्ली स्थित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में रेडियोग्राफर के पद पर कार्यरत थे। बीते 7 फरवरी को वह बस से अपने घर के लिए निकले थे। परिजनों के अनुसार, 8 फरवरी को उन्हें खलीलाबाद उतरना था, लेकिन वह वहां न उतरकर गोरखपुर पहुंच गए।
परिवार के मुताबिक गोरखपुर के नौसढ़ तिराहे पर बस से उतरने के बाद रजत ने फोन कर घरवालों से बातचीत की थी। इसके बाद वह शहर की ओर चले गए और कुछ ही देर बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। रात तक घर न पहुंचने पर परिजनों की चिंता बढ़ गई और उन्होंने तत्काल खलीलाबाद कोतवाली में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लगाया, लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। वे लगातार कोतवाली का चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। इस बीच परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। पीड़ित परिजनों ने बताय कि वह गोरखपुर पहुंचकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और डीआईजी से भी मिल चुके हैं। उन्होंने लिखित रूप से त्वरित कार्रवाई की मांग की, लेकिन इसके बावजूद जांच की रफ्तार में कोई खास तेजी नहीं आई है। रजत के पिता सतीश चंद्र पांडेय ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि मामले की गंभीरता को समझते हुए विशेष टीम गठित कर उनके बेटे की तलाश की जाए। उन्होंने कहा कि हर बीतता दिन परिवार की चिंता और बढ़ा रहा है।
