गणपति बप्पा मोरया के जयकारों के साथ मगहर में संपन्न हुआ गणेश प्रतिमा विसर्जन, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम !
संत कबीर नगर- मगहर।
विघ्नहर्ता सर्व प्रथम पूज्य गजानना की विदाई शनिवार को गाजे-बाजे के साथ की गई।गणेश प्रतिमाएं नगर भ्रमण करते हुए आमी नदी तट पर बने अस्थाई जलाशय स्थल पर पहुंची। जहां खलीलाबाद व मगहर की 22 मूर्तियो को विसर्जित किया गया। गणेश प्रतिमा का विसर्जन जुलूस सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया।

भादों महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश का जन्म हुआ था।इस दिन को गणेश चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है।सनातन धर्म कोई भी धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ गणेश पूजा से किया जाता है।गणेश पूजा पर्व पर बड़े ही आस्था और श्रध्दा के साथ भगवान गणेश की प्रतिमा को चतुर्थी के दिन स्थापित करते हैं। उसके बाद भक्तजन एक दिन,तीन दिन,पांच दिन और सात दिन तक गणेश जी की विधि विधान से पूजा अर्चना करने के पश्चात उनकी विदाई की जाती है।इसी क्रम में नगर के विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमा को स्थापित किया गया और उसका विधि विधान से चार दिनों तक पूजा अर्चना की गई।उसके पश्चात पांचवें दिन शनिवार को विसर्जन के लिए गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकाला गया।जो नगर के विभिन्न मोहल्लों से होते हुए विसर्जन स्थल पर मध्य रात्रि पहुंची।
जुलूस के दौरान युवाओं की टोली डीजे की धुन पर नाचे झूमते और गणपति बप्पा मोरया,मंगल मुर्ति मोरया,अगले वरस लौ करी आ का जयकारा लगा रहे थे।विसर्जन करने से पहले गणेश प्रतिमा की आरती उतारने के पश्चात अस्थाई बने जलाशय में आस्था के साथ विसर्जन किया गया।जुलूस की सुरक्षा व्यवस्था में चौकी प्रभारी विनोद कुमार यादव व एसआई रामा श्रय यादव,एसआई महेश्वर चौधरी हमराहियों एवं क्यूआरटी टीम के साथ मुस्तैदी के साथ लगे रहे और सकुशल प्रतिमाओं को देर रात विसर्जित कराने सफल रहे।चौकी प्रभारी विनोद कुमार यादव ने बताया कि कोतवाली क्षेत्र की कुल बाइस मूर्तियों का भोर में लगभग पांच बजा तक किया गया।इस अवसर पर अवधेश सिंह,अतुल श्रीवास्तव,मो असअद अंसारी,कृष्ण चन्द्र सैनी आदि मौजूद रहे।विसर्जन स्थल पर नगर पंचायत के कर्मचारी अजय वर्मा,आलोक कुमार, दिनेश गिरी,शैलेन्द्र उर्फ झाबर कन्नौजिया,प्रदीप पासवान,सुनील गुप्ता आदि लोग पूरी निष्ठा के साथ लगे रहे।
