संत कबीर अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी पर वित्तीय अनियमितता और भाई-भतीजावाद के गंभीर आरोप, मुख्यमंत्री को भेजा गया शिकायत पत्र!
संत कबीर नगर- मगहर।
सद्गुरु कबीर की निर्वाण स्थली मगहर के परिसर में स्थित संतकबीर अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी पर अनियमितता का संत डा हरिशरण शास्त्री ने आरोप लगाया है।जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच करने व अनियमितता पाए जाने पर हटाने व उनके विरुद्ध करवाई करने की मांग की है।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2018 में शिलान्यास किया गया।जिसे वर्ष 2022 में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उद्घाटन किया गया।ऐसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान में निदेशक पद पर अतुल द्विवेदी को नियुक्त किया गया।जिनके अपने पद का निरन्तर अनियमितता एवं निजी हितों के लाभ हेतु उपयोग किया जा रहा है।जोकि इसकी गरिमा एवं उद्देष्यों के अनुकूल नहीं है। उन्होंने लिखा है कि संत कबीर अकादमी में की गई अनियमितता में संत कबीर अकादमी की स्थापना एवं इसके व्यापक उद्देश्य को देखते हुये एक नियमित एवं समर्पित बौद्धिक क्षमता वाले व्यक्ति की स्थाई नियुक्ति की जानी थी।जबकि अतुल द्विवेदी को अतिरिक्त रूप से अकादमी का चार्ज दिया गया।अतुल द्विवेदी की नियुक्ति लोक जनजाति संस्कृति संस्थान में सेवानिवृत्त के पश्चात की गयी है परन्तु कितने समय के लिए नियुक्ति की गयी है यह अंकित नही है।जो जांच का विषय है। इसके उपरान्त इनको संत कबीर अकादमी का अतिरिक्त रूप से प्रभार दिया गया जोकि इस पद के योग्य ही नहीं है। संज्ञान में आया है कि पूर्व सेवानिवृत्त कार्यक्रम अधिकारी को लोक जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ में निदेशक के पद पर की गयी। जबकि यदि किसी सेवानिवृत्त व्यक्ति की नियुक्ति जाती है तो कार्मिक/वित्त विभाग की अनुमति आवश्यक है।उनका आरोप है कि निदेशक अतुल द्विवेदी द्वारा संत कबीर अकादमी मगहर में कार्यभार ग्रहण करने के उपरान्त अकादमी में अपने करीबियों एवं रिस्तेदारों की कर्मचारी के रूप में नियुक्ति की गयी है। नियुक्त कर्मचारी को सम्बन्धित क्षेत्र/विषय का कुछ भी ज्ञान नही है। मगहर में कार्यरत कर्मचारी पूर्ण रूप से अयोग्य है।इन कर्मचारियों को निदेशक अतुल द्विवेदी का विषेश संरक्षण प्राप्त है।आगे कहा कि इनके तहत मगहर में कार्यरत कर्मचारी राकेश कुमार प्रशासनिक अधिकारी को उक्त कर्मचारियों द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित करते है व परेशान करने का कुचक्र रचते रहते है।संत कबीर अकादमी एवं लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान में कार्यक्रमों के नाम पर करोड़ों रूपये का गबन निदेशक द्वारा किया गया है।इनके कार्यकाल में विशेष रूप से लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ एवं संत कबीर अकादमी में कराये गये कार्यक्रम/कार्यों जांच करायी जाये तथा इनकी सम्पत्ति की भी जांच कराई जायें।संत कबीर अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी द्वारा अकादमी से कार्यक्रम के अतिरिक्त अन्य कई प्रकार के भुगतान फर्मों को कराकर वसूली की जाती है इनके द्वारा दोनो संस्थानों में खुली लूट की जा रही है जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाये।अतुल द्विवेदी को निदेशक पद से तत्काल मुक्त कर किसी योग्य व्यक्ति की नियुक्ति की जाये जो अकादमी के उद्देश्यों की पूर्ति कर सके। वर्तमान में नियुक्त निदेशक अतुल द्विवेदी की उच्चस्तरीय जांच करायी जाये। जब तक जांच हो इनको कार्य से मुक्त रखा जायें जिससे जांच प्रभावित न हो सके। मुख्य रूप से लोक जनजाति संस्कृति संस्थान लखनऊ में कराये गये कार्यों/कार्यक्रमों की उच्च स्तरीय जांच करायी जाये एवं दो पाये जाने पर कठोर कार्यवाही की जाये।
इस सम्बंध में पूछे जाने पर अकादमी के निदेशक अतुल द्विवेदी ने कहा कि सभी आरोप निराधार हैं।शासन ने उन्हें जिम्मेदारी दी है। उसका ईमानदारी से निर्वहन किया जा रहा है।

