कबीर की धरती से सोनार महासमागम का शंखनाद, वाराणसी में ताकत दिखाएगी स्वर्णकार समाज; रवि सर्राफ ने की जुटने की अपील ।
संत कबीर नगर- मगहर।
भोलेनाथ की धरती पर सोनार महासमागम से राजनीत की दिशा और दशा तय होने वाली है।सोनार समाज को अपने हक और हुकूक की आवाज को बुलंद करने का समय आ गया।उक्त बातें सोनार समाज के वाराणसी संगठन के शीर्ष नेतृत्व के रवि सर्राफ ने संत कबीर की समाधि का दर्शन करने के बाद कहा।

उन्होंने कहा कि सोनार समाज ने जिस तरह से अपनी एकजुटता का लखनऊ में परिचय दिया था।उससे कहीं बढ़ कर महादेव की नगरी वाराणसी में आगामी 20सितम्बर को सोनार महासमागम में अपनी ताकत को दिखाने का काम करेगा। उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि कबीर की जन्मभूमि से कबीर की कर्म भूमि पर आकर सजातीय बंधुओं को समागम में शामिल होने के लिए निमंत्रण देने आया हूं। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल के सभी जिलों के सोनार समाज के लोगों को आमंत्रित किया गया है।यह आयोजन में किसी पार्टी,किसी संगठन विशेष का नहीं है बल्कि पूरे सोनार समाज का कार्यक्रम है।इसमें शामिल होने के लिए सभी सजातीय बंधुओं से अपील करते अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने पर जोर दिया है।इस दौरान उन्होंने मगहर एवं खलीलाबाद के सजाती बंधुओं से सम्पर्क भी किया।इस दौरान अनिल चंचल,ईश्वर दयाल सेठ,अरविन्द वर्मा स्वर्णकार, हनुमान वर्मा,राजू वर्मा, संदीप वर्मा आदि लोग मौजूद रहे।

