संत कबीर की निर्वाण स्थली कबीर चौरा मगहर में धूमधाम से मनाया गया गुरु पूर्णिमा पर्व, उमड़े देश-विदेश के श्रद्धालु।
संत कबीर नगर- मगहर।
संत कबीर की महापरिनिर्वाण स्थली कबीर चौरा में बुधवार को गुरु पूर्णिमा पर्व को पारंपरिक ढंग से धूमधाम से मनाया गया।इस मौके पर बीजक पाठ हवन किया गया और विशाल भण्डारे में प्रसाद वितरित किया गया।विभिन्न राज्यों से आये भक्तों व श्रद्धालुओं ने गुरु की पूजा करने के साथ ही गुरु दीक्षा ली।
गुरू पूर्णिमा के मौके पर कबीर चौरा मठ के महंत विचार दास जी ने बताया कि सदगुरु कबीर ने ईश्वर तक पहुंचने के लिए गुरु को प्रथम सीढ़ी बताया था।अज्ञानता को हटा कर ज्ञान ज्योति को जलाने वाले को गुरु कहा जाता हैं। गुरू की कृपा से ईश्वर का साक्षात्कार होता है गुरू की कृपा के बिना कुछ भी सम्भव नहीं है। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा गुरु दिवस के रूप में आदि काल से चला आ रहा है। नैमिशारण तीर्थ धाम में अट्ठासी हजार ऋषि मुनियों ने एकत्रित हो कर शास्त्र के रचयिता वेद व्यास को गुरु के रूप में प्रतिष्ठित कर गुरु पूर्णिमा के दिन पूजन किया था।तभी से गुरू पूर्णिमा को गुरु दिवस के रूप में मनाये जाने की परम्परा चली आ रही है। उन्होंने कहा कि अपनी आस्था व त्याग गुरु में व्यक्त करने से अपने अंदर ऊर्जा का विकास होता है। उन्होंने बताया कि गुरु उत्सव के मौके पर संत कबीर की निर्वाण स्थली पर आए हुए श्रद्धालुओं, भक्तजनों के द्वारा गुरु महिमा का पाठ, गुरु पूजा तथा भजन संध्या के साथ ही विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि गुरु उत्सव के मौके पर बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु आये।

इस अवसर पर रामप्रीत प्रजापति और नागेन्द्र भालोटिया परिवार द्वारा विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया जिसमें सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। गुरू पूर्णिमा उत्सव पर राजस्थान के कोटा मठ से दीनदयाल दास,झालापटन जितेन्द्र दास,दिल्ली लक्ष्मी चन्द,मध्यप्रदेश विष्णु दास,बिहार राजगिरी दिवाकर दास,ननके दास गोण्डा,अशर्फी दास बलरामपुर,रामहित प्रजापति,नागेन्द्र भालोटिया परिवार केशव दास,अरविंद दास शास्त्री,शान्ति पुजारी दास,रोहित दास, वैद्य राम सरन दास,विनोद दास,राम सेवक दास,राजेश दास, सुरेश दास,धर्मराज दास,संतोष दास के अलावा भक्त,संत जन और श्रद्धालुजन मौजूद रहे।
