सुभासपा ने संतकबीरनगर में सौंपा ज्ञापन: जातिसूचक टिप्पणियों और उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई की मांग।
ब्यूरो रिपोर्ट:- के0 पी0 मौर्य (आज का भारत लाईव)
संतकबीर नगर |
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) की जिला इकाई, संतकबीरनगर द्वारा बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी को प्रेषित एक ज्ञापन सौंपा गया। इसकी एक प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर को भी दी गई है। पार्टी ने समाज के वंचित, पिछड़े, अतिपिछड़े, दलित और अतिदलित वर्गों के विरुद्ध हो रही जातिसूचक, अपमानजनक टिप्पणियों और उत्पीड़न की घटनाओं पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सपा नेतृत्व और नेताओं पर गंभीर आरोप –
सुभासपा के ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि वर्तमान समय में वंचित व पिछड़े वर्गों के स्वाभिमान और अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के खिलाफ राजनीतिक विद्वेषवश आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है।
ज्ञापन में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर उनके कुछ सांसदों, नेताओं व समर्थकों द्वारा जातिसूचक भाषा का इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि सपा नेता शिवपाल यादव द्वारा सामाजिक व राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले शोषित वर्गों के लिए ‘छोटी जाति’ व ‘नीच जाति’ जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया, जिससे संपूर्ण समाज में गहरा असंतोष है। इसके अलावा, राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग कर गरीबों को धमकाने, प्रताड़ित करने और जमीनों पर अवैध कब्जे के मामले भी सामने आ रहे हैं।
सुभासपा की प्रमुख 7 मांगें:-
1. कठोर कार्रवाई: जातिसूचक व भेदभावपूर्ण टिप्पणी करने वालों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
2. संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई: राजनीतिक दलों के नेताओं व समर्थकों द्वारा दिए गए आपत्तिजनक बयानों का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज किया जाए।
3. भू-माफियाओं पर शिकंजा: कमजोर वर्गों को धमकाने और उनकी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों पर तुरंत कार्रवाई हो।
4. साइबर सेल की सख्ती: सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा व वैमनस्यता फैलाने वालों पर साइबर कानून के तहत त्वरित कार्रवाई की जाए।
5. निष्पक्ष जांच: राजनीतिक दबाव में किसी भी पीड़ित की शिकायत को दबाया न जाए और हर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो।
6. विशेष निगरानी व्यवस्था: पिछड़े, अतिपिछड़े व दलित वर्गों की सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था बने।
7. जागरूकता अभियान: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली मानसिकता के खिलाफ प्रशासन व्यापक दिशा-निर्देश जारी करे और अवेयरनेस प्रोग्राम चलाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी-
सुभासपा जिलाध्यक्ष उमेश चन्द्र राजभर के कुशल नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन के दौरान पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की भारी उपस्थिति रही।
मौजूद प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता:-
प्रदेश स्तर:- अब्दुल अजीम (प्रदेश सचिव), गंगाराम राजभर (प्रदेश उपाध्यक्ष), पीताम्बर राजभर (प्रदेश उपाध्यक्ष)।
मंडल व जिला संगठन:- कृष्णकुमार राजभर (मंडल अध्यक्ष, बस्ती), झिनकाई राजभर (मंडल महासचिव, बस्ती), श्याम बिहारी मौर्या (जिला उपाध्यक्ष), नरोत्तम सिंह (जिला उपाध्यक्ष), ज्योति राजभर (जिला उपाध्यक्ष), दीनानाथ राजभर (युवा मंच जिला अध्यक्ष), राहुल राजभर (आईटी सेल जिला अध्यक्ष), अनीता राजभर (जिला महासचिव), आर्मी राजभर/आरती राजभर (जिला प्रमुख महासचिव), अंगद राजभर (मीडिया जिला प्रभारी एवं सह-सचिव)।
महिला मोर्चा:- लखपति राजभर (जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा), अमरजीत राजभर (विधानसभा अध्यक्ष, महिला मोर्चा – खलीलबाद)।
विधानसभा व स्थानीय निकाय प्रतिनिधि:- श्रीमती भाग्योदय पासवान (विधानसभा प्रभारी – भावी प्रत्याशी 314), हरिओम मद्धेशिया (विधानसभा अध्यक्ष), चंदन राजभर (विधानसभा सचिव), दिनेश राजभर (विधानसभा अध्यक्ष – 313 खजनी व विधानसभा महासचिव), अरविन्द राजभर (विधानसभा मीडिया प्रभारी), सबोध राजभर (विधानसभा सचिव), उपेंद्र शुक्ल (नगर पंचायत अध्यक्ष, हैसर), उमेश कुमार (ब्लॉक अध्यक्ष, हैसर), रामदरश गौतम (ब्लॉक अध्यक्ष, अनुसूचित मोर्चा), रामवृक्ष राजभर (ग्राम प्रधान, भगवानपुर) एवं दिनेश राजभर (ब्लॉक उपाध्यक्ष)।
ज्ञापन के अंत में जिलाध्यक्ष उमेश चन्द्र राजभर ने चेतावनी दी कि यदि शोषित व वंचित समाज के सम्मान और सुरक्षा के लिए प्रशासन ने त्वरित व प्रभावी कदम नहीं उठाए, तो सुभासपा आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होगी।
