भारत मुक्ति मोर्चा’ और ‘बहुजन मुक्ति पार्टी’ द्वारा पुलिसिया उत्पीड़न और तहसील में अवैध वसूली के खिलाफ DM को सौंपा गया ज्ञापन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संत कबीर नगर-
आज दिनांक 21 जुलाई 2026 को भारत मुक्ति मोर्चा एवं बहुजन मुक्ति पार्टी, जनपद संतकबीरनगर. जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट महोदय, संतकबीरनगर. पुलिसिया उत्पीड़न, फर्जी मुकदमों में फंसाना और खलीलाबाद तहसील में प्राइवेट लोगों द्वारा अवैध धन उगाही ‘भारत मुक्ति मोर्चा’ और ‘बहुजन मुक्ति पार्टी’ के जिला पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने जनपद में बढ़ रहे पुलिसिया उत्पीड़न और खलीलाबाद तहसील परिसर में चल रही अवैध वसूली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट महोदय को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है.
आपको बताते चलें कि ज्ञापन के माध्यम से बताया गया कि बहुजन मुक्ति पार्टी के जिलाध्यक्ष धनंजय कुमार और भारत मुक्ति मोर्चा के बढ़ौली ब्लॉक अध्यक्ष सनी कुमार को तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक थाना दुधारा, अरविंद शर्मा द्वारा 22 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 8:00 बजे घर से जबरन पकड़कर जेल भेज दिया गया था. आरोप है कि क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद (प्रियम् राजशेखर पांडे) द्वारा यह रिपोर्ट लगाई गई थी कि दोनों कार्यकर्ता थाने के बाहर गेट पर मारपीट व झगड़ा कर रहे थे, जबकि ऐसा कोई कृत्य नहीं हुआ था और न ही थाने में कोई लिखित तहरीर दी गई थी.
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि 17 जुलाई 2026 को दुधारा पुलिस द्वारा पुनः धनंजय कुमार और सनी कुमार को घर से गिरफ्तार कर थाने लाया गया वहां राधेश्याम नामक व्यक्ति द्वारा जेल भेजने के नाम पर 1000 रुपये की मांग की गई और मामला रफा-दफा करने के एवज में 400 रुपये ले लिए गए.
संगठन ने आरोप लगाया है कि खलीलाबाद तहसील में सरकारी काम- काज निपटाने के नाम पर कुछ प्राइवेट लोगों को रखा गया है, जो आम जनता से खुलेआम धन उगाही करते हैं. शांति भंग के मामलों में तारीख देने या जेल न भेजने के नाम पर गरीब जनता से हजारों रुपयों की अवैध वसूली की जा रही है.
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक दुधारा, अरविंद शर्मा के कृत्यों की जांच कर उनका स्थानांतरण किसी अन्य मंडल में किया जाए. तहसील खलीलाबाद में सक्रिय अवैध वसूली करने वाले प्राइवेट व्यक्तियों (राधेश्याम, राजाराम आदि) को तहसील परिसर से बाहर किया जाए। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर पीड़ित कार्यकर्ताओं और आम जनता को न्याय दिलाया जाए।
