संत कबीर नगर- ‘मारखण्डे’ पर जानलेवा हमला करने वाले 2 सगे भाई गिरफ्तार।
रास्ते में कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड लेकर घात लगाए बैठे थे सगे भाई!
🚨 सनसनीखेज वारदात: पट्टीदारी की खूनी रंजिश में भाई को मरा समझकर भागे थे हमलावर, धनघटा पुलिस ने 24 घंटे के भीतर दबोचा !
संतकबीर नगर।
पुरानी रंजिश और पट्टीदारी का विवाद किस कदर खूनी खेल में बदल सकता है, इसका एक खौफनाक मंजर जनपद संतकबीर नगर के धनघटा थाना क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ भाई को जान से मारने की नीयत से रास्ते में कुल्हाड़ी, लोहे की रॉड और लाठी-डंडों से लैस होकर शिकारी की तरह घात लगाए बैठे दो सगे भाइयों ने अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसा जानलेवा हमला किया कि इलाका दहल उठा। लेकिन, पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना की मुस्तैद टीम ने इस खूनी खेल के आरोपियों को भागने का मौका नहीं दिया और महज 24 घंटे के अंदर दोनों मुख्य अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया!
घटना बीती 29 मई 2026 की है। पीड़ित मारखण्डे अपनी मोटरसाइकिल से दुकानों पर सामान देकर वापस घर लौट रहे थे। उन्हें अंदाज़ा भी नहीं था कि रास्ते में मौत उनका इंतज़ार कर रही है। ग्राम बजरा और तिघरा के बीच, उनके ही सगे पट्टीदार भोलेनाथ और दुधनाथ (पुत्रगण हरिभजन) अपने दो अन्य साथियों के साथ पूरी प्लानिंग करके हथियारों से लैस बैठे थे।
जैसे ही मारखण्डे वहाँ पहुँचे, चारों तरफ से उन पर अचानक हमला बोल दिया गया। लोहे की रॉड और कुल्हाड़ी के वार से मारखण्डे का सिर फट गया और पूरा शरीर लहूलुहान हो गया। वह तड़पकर जमीन पर गिर गए। हमलावर उन्हें मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए।
⚡ एक्शन में ‘धनघटा सिंघम’ टीम: घर में दबिश देकर दबोचा ।
30 मई को पीड़ित के भाई शेषनाथ कसौधन की तहरीर पर धनघटा थाने में हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) सहित बीएनएस की संगीन धाराओं (109, 115(2), 61(2), 352, 351(3), 3(5)) में मुकदमा दर्ज हुआ। मामला सगे भाइयों और पट्टीदारी से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील था।
अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र की निगरानी में प्रभारी निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह ने तुरंत एक स्पेशल टीम का गठन किया। पुलिस टीम ने जाल बिछाया और आज 31 मई 2026 को दोनों नामजद अभियुक्तों को उनके ही गाँव औराडाड़ से घेराबंदी करके गिरफ्तार कर लिया। दोनों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
इन जांबाज पुलिसकर्मियों ने किया शिकारियों का शिकार ।
खूनी वारदात के आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाने वाली पुलिस टीम:-
- उ0नि0 रवीन्द्र सिंह यादव (चौकी प्रभारी/क्राइम फाइटर) ।
- कांस्टेबल रवि चौरसिया
- रिक्रूट कांस्टेबल रामकृष्ण तिवारी ।
पुलिस की दोटूक: –
“कानून हाथ में लेने वालों का यही होगा हश्र”।
धनघटा पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि आपसी रंजिश या पट्टीदारी के विवाद में कानून को हाथ में लेने वाले और हिंसा फैलाने वाले अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस त्वरित और सख्त कार्यवाही से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है और क्षेत्र की जनता ने राहत की सांस ली है।
