चकबंदी कर्मचारीयों का धरना प्रदर्शन स्थगित, बंदोबस्त अधिकारी के स्थानांतरण की मांग जारी।
संत कबीर नगर ।
जिलाधिकारी आलोक कुमार के हस्तक्षेप से पिछले कई दिनों से चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी विनयकुमार सिंह के भ्रष्ट कार्यों के विरुद्ध चल रहा धरना स्थगित हो गया। लेकिन उनके हटाने की मुहीम चलता रहेगा।
ज्ञातव्य हो कि बंदोबस्त अधिकारी के कृत्य उत्पीड़न, मानसिक शोषण, महिला कर्मचारियों के प्रति अभद्रता, कटुभाषा का प्रयोग कुदृष्टि एवं तानाशाही सामंती प्रवृति से अधीनस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।पता चला है कि जिला धिकारी महोदय से वार्ता काफ़ी सार्थक रहा। लेकिन चकबंदी बंदोबस्त अधि कारी विनयकुमार सिंह को संबंधित पटल से हटाने के मुद्दे पर समस्त धरनार्थी आज भी अड़े हुए हैं। बताया गया है कि 24 अप्रैल से चल रहा धरना प्रदर्शन एडीएम के हस्तक्षेप से स्थगित हो गया था। मध्य में ही एडीएम का स्थानांतरण हो जाने के बाद चकबंदी कर्मचारी पुनः 18 मई को भ्रष्ट अधिकारी के विरुद्ध नारा लगाते हुए कार्य बहिष्कार कर कार्यालय के समक्ष धरने पर बैठ गए। इधर आन्दोलन के दौरान बंदोबस्त अधिकारी विनय कुमार सिंह द्वारा दमन करना शुरू कर दिया गया जिसके फलस्व रूप कर्मचारियों के अन्दर गुस्से की आग धधक रही थी। कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे चकबंदी कर्मचारियो एवं अधिकारियों का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधि कारी महोदय जी से मिलने पहुंच गया।साक्ष्य के साथ होरहा दमन की चर्चा हुई।जिस पर जिलाधिकारी महोदय ने न्यायो चित सहयोग करने का ढाढस बधाया। धरने पर कुल 119 कर्मचारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे। मात्र चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी विनय कुमार सिंह छुट्टी पर चले गए थे । क्योंकि इन्हीं के विरुद्ध धरना प्रदर्शन जारी रहा।

इस धरना प्रदर्शन में मुख्य रूप से चकबंदी संघ अध्यक्ष रामाश्रय प्रसाद, चकबंदी लेखपाल संघ अध्यक्ष पंकज यादव, क्षेत्र मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ अध्यक्ष राम विजय पाण्डेय, चकबंदी कर्ता संघ कोषअध्यक्ष / संयुक्त मंत्री नन्दलाल कुशवाहा, चकबंदी लेखपाल संघ ज़िलामंत्री आवेंद्र उपाध्याय, क्षेत्रीय मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ ज़िलामंत्री पुष्पालाल आदि के अलावा रिटायर्ड कर्मचारी संगठन के जुझारू नेता विजय प्रताप पाल, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष रामभजन यादव, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद, मंत्री सूरज कुमार और उत्तर प्रदेश ट्रेड यूनियन काउंसिल अध्यक्ष शिवकुमार गुप्ता उपस्थित रहे तथा सत्ता एवं विपक्ष के कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

