डीएम की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई उर्वरक निगरानी समिति की बैठक ।
उर्वरक वितरण एव बिक्री में घालमेल करने पर होागी कठोरतम कार्रवाई।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच 07 मई।
कलेक्ट्रेट कक्ष में आयोजित उर्वरक निगरानी समिति की बैठक के दौरान जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी द्वारा जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया गया कि कृषकों को उर्वरक का वितरण खतौनी की कॉपी लेकर क्षेत्रफल एवं बोई गई फसल के अनुसार ही किया जाए। वितरण के समय कृषको से इस आशय का घोषणा पत्र भी भरवाया जाए की प्राप्त की जा रही उर्वरक का प्रयोग वे स्वयं के खेत में संतुलित मात्रा में आवश्यकता अनुसार ही करेंगे। प्राप्त उर्वरक का प्रयोग अपने खेत के अलावा अन्यत्र कहीं नहीं किया जायेगा। डीएम ने निर्देश दिया कि न्याय पंचायत, ब्लॉक एवं तहसील स्तर पर नोडल अधिकारियों से सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच करायी जाय। किसी प्रकार की अनियमिता मिलने पर कठोरत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
डीएम श्री त्रिपाठी द्वारा उप कृषि निदेशक एवं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी को निर्देशित किया गया कि न्याय पंचायत स्तर पर उर्वरक निगरानी समितियों की बैठक करा करके जनपद के कृषकों को संतुलित मात्रा में उर्वरक प्रयोग करने के लिए जागरूक एवं प्रेरित किया जाए। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारी समितियां को निर्देशित किया गया की तहसील स्तर पर कार्यरत सहकारिता विभाग के अधिकारी, एडीसीओ एवं ब्लाक स्तर पर कार्यरत सहायक विकास अधिकारी सहकारिता से प्रतिदिन समितियांे का निरीक्षण एवं जांच कराते हुए प्रतिदिन जांच उपलब्ध करायें। डीएम ने कहा कि किसी भी स्तर पर बिक्री में अनियमितता मिलने पर कठोरतम कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। एसएसबी 42 एवं 59 बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं कस्टम अधीक्षक रुपईडीहा, नानपारा एवं मिहींपुरवा को निर्देशित किया गया की बॉर्डर क्षेत्र मिहींपुरवा एवं नवाबगंज में सघन निगरानी रखी जाए तथा अवांछित कार्य करने वाले व्यक्तियों की पहचान कर कठोरता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित करें। इस अवसर पर सम्बन्धित अधिकारी, पीसीएफ प्रबंधक, इफको क्षेत्रीय अधिकारी, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र उपस्थित रहे।
