त्रिधारा भक्ति उत्सव का हुआ शुभारम्भ
त्रिधारा भक्ति उत्सव का हुआ शुभारम्भ

संतकबीर नगर- मगहर-सद्गुरु कबीर की महापरिनिर्वाण स्थली कबीर चौरा परिसर में संत कबीर अकादमी के प्रेक्षागृह में शनिवार को संत कबीर अकादमी व संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महंत विचार दास के नेतृत्व में कबीर शोभायात्रा के साथ ही मुख्य अतिथि मेहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी व एडीएम जयप्रकाश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर की गई।
निर्गुण त्रिधारा उत्सव कार्यक्रम में महंत विचार दास के नेतृत्व में सर्व प्रथम कबीर शोभा यात्रा में विद्यालय के बच्चों व संतो ने निकाली जो कबीर समाधि तक गई। इस यात्रा में संतजन कबीर भजन गाते और विद्यालय के बच्चे हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लिए चल रहे थे। दो दिवसीय निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव कार्यक्रम के प्रथम दिन विद्यालय की छात्राओं द्वारा कविता और कबीर साहेब के भक्ति गीतों पर भाव नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके बाद वाराणसी से आए ताना-बाना ग्रुप के देवेंद्र दास, डा. भागीरथी, कृष्णा गौरव द्वारा इकतारा डफली और गिटार वाद्य यंत्र के सहयोग से कबीर साहेब के निर्गुण भजन के ‘तोहरा संग जाई भवरवा, जरा धीरे-धीरे गाड़ी हांको मेरे राम गाड़ी वाले और कबीर साहेब की सखियां प्रस्तुत की गई। मध्य प्रदेश के देवांश से आए प्रसार भारती गायक दयाराम सरोलिया ने निर्गुण भजन “गुरु बिना कोई काम ना आवे कौड़ी कौड़ी माया जोड़ी” प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों में गुरु के प्रति भक्ति भाव जागृत किया। लखनऊ से आए दस्तक नाट्य के कलाकारों द्वारा “इश्क मस्ताना” का नाट्य मंचन को खूब वाहवाही मिली और तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उक्त सभी कार्यक्रमों को उपस्थित लोगों ने खूब पसंद किया। मुख्य अतिथि विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि सदगुरु कबीर साहेब के विचारों को अंश मात्र अंगीकृत करने से मानव जीवन सुधर सकता है। कार्यक्रम के अंत में कबीर अकादमी व संस्कृति विभाग निदेशक अतुल द्विवेदी ने आए हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।कार्यक्रम का सफल संचालन स्वीटी सिंह ने किया। इस मौके पर निदेशक कबीर अकादमी अतुल द्विवेदी, प्रधानाचार्य रेनू अग्रहरि, ओमप्रकाश निर्भीक, अरविंद दास, भानु प्रताप सिंह, डॉ. हरि शरण शास्त्री, रामशरण दास, कल्पनाथ दास, अरविंद दास, गोविंद दास सहित संत महात्मा विद्यालय के अध्यापक अध्यापिकाएं और छात्राएं मौजूद रहे।
