नाथनगर ब्लॉक की जर्जर सड़कों से त्रस्त ग्रामीण, लोजपा (रा) नेता लालचंद दुसाध के नेतृत्व में डीएम को सौंपा ज्ञापन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीरनगर-
आज दिनांक 01 सितंबर 2026 को लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष(संतकबीरनगर) लालचंद दुसाध के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्रामीणों ने कई बर्षो से खराब पड़ीं गड्ढा युक्त सड़क को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है।
आपको बताते चलें कि ज्ञापन के माध्यम से नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र की अत्यंत जर्जर और बदहाल हो चुकी पिच् सड़कों की शीघ्र मरम्मत और पुनर्निर्माण कराए जाने की पुरजोर मांग की गई है।
5 किलोमीटर लंबी सुबखरी-सिदाही मार्ग और हरपुर-बन्दपुर मार्ग की स्थिति बेहद दयनीय
ज्ञापन में बताया गया है कि विकास खंड नाथनगर क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत सुबखरी तिराहा पुलिया से जोगाराजा, भिनखिनी खुर्द, बहराई एवं केवटहिया होते हुए ग्राम पंचायत सिदाही मार्ग तक जाने वाली लगभग 5 किलोमीटर लंबी पिच सड़क लंबे समय से रखरखाव के अभाव में पूरी तरह उखड़ चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन जाने के कारण आवागमन बेहद कठिन और जोखिमपूर्ण हो गया है।
इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत हरपुर से ग्राम पंचायत बन्दपुर तक जाने वाली लगभग 3 किलोमीटर लंबी पिच सड़क भी लंबे समय से जर्जर अवस्था में है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राहगीरों, स्कूली बच्चों और मरीजों को हो रही गंभीर परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि स्कूल वाहन और बसें गांवों तक नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। आए दिन दोपहिया वाहन चालक गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण गिरकर घायल हो रहे हैं। बरसात के दिनों में हालात और भी भयावह हो जाते हैं, जब गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एम्बुलेंस भी गांव तक नहीं पहुंच पाती। था तक कि ट्रैक्टर ट्रॉली जैसे वाहन सही तरीके से नहीं जा सकते है तो छोटे वाहन की बात ही ना करे।
मजबूरन लोगों को वैकल्पिक और कठिन रास्तों का सहारा लेना पड़ता है।
लोजपा (रा) नेता लालचंद दुसाध ने बताया कि सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीण जब वैकल्पिक रास्तों का उपयोग कर रहे हैं, तो भविष्य में भूमि एवं रास्तों को लेकर आपसी विवाद की भी आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों द्वारा कई बार संबंधित विभागों से गुहार लगाई गई, लेकिन लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और मंडी परिषद के अधिकारी सड़क को अपने विभाग के अंतर्गत न बताकर एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं।
ज्ञापन के अंत में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द ही दोनों जर्जर सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराकर मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्र के हताश ग्रामीण बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण व पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
