जन अधिकार पार्टी द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर महामहिम राष्ट्रपति को भेजा गया ज्ञापन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीरनगर।
आज दिनांक 27 जुलाई 2026 को जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष राम सूरत मौर्य की अध्यक्षता में देश में बढ़ती असहिष्णुता, संवैधानिक संस्थाओं के निजीकरण और विभिन्न जनहित व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ महामहिम राष्ट्रपति महोदय को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा गया है।
आपको बताते चलें कि जिलाध्यक्ष राम सूरत मौर्य ( संतकबीरनगर) के प्रांतीय कार्यालय से जारी इस पत्र में देश की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कई प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।
पार्टी का तर्क है कि भागीदारी ही अधिकार का आधार है, इसलिए पूरे देश में तुरंत जातिगत जनगणना कराई जाए।
* केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय संपत्तियों और कंपनियों को औने-पौने दामों पर उद्योगपतियों को बेचे जाने पर रोक लगाने की मांग की गई है।
* पेट्रोल और डीजल पर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा अधोरोपित टैक्स को कम कर बढ़ी हुई कीमतें घटाने की अपील की गई है।
*सामान्य वर्ग की तर्ज पर अन्य पिछड़े वर्ग के छात्रों को भी छात्रवृत्ति दी जाए तथा पूरे देश में शिक्षा का पाठ्यक्रम एक समान किया जाए। नई शिक्षा नीति का विरोध करते हुए कहा गया है कि यह दलितों और अल्पसंख्यकों को पुनः वर्ण व्यवस्था की ओर ले जाने वाली है।
* किसानों को उचित मूल्य पर खाद, बीज व कीटनाशक दवाइयां मिलें, सिंचाई के लिए निःशुल्क बिजली की व्यवस्था हो, छोटे व मझोले किसानों का कर्ज और बिजली का बिल माफ किया जाए तथा गन्ने के बकाये मूल्य का तुरंत भुगतान किया जाए।
* बेरोजगार युवकों को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार का संवैधानिक दायित्व है, जिस पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है।
इस ज्ञापन के निवेदनकर्ता के रूप में जन अधिकार पार्टी के जिलाध्यक्ष राम सूरत मौर्य, राधेश्याम मौर्य, रामदास मौर्य, शिवदयाल मौर्य, राघव प्रसाद मौर्य और अश्विनी कुमार मौर्य आदि लोग सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे हैं।
