ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन खलीलाबाद के तत्वाधान में आयोजित हुई विचार गोष्ठी/ कार्यशाला ।
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पत्रकारिता का मूल तत्व सत्य की खोज, सत्यापन का अनुशासन, और निष्पक्षता है – संजय द्विवेदी ( प्रदेश महामंत्री, जी.पी.ए.) ।
संतकबीर नगर।
ग्रामीण पत्रकारिता एक चुनौती भरा कार्य है। निष्पक्ष तरीके से पत्रकारिता का कार्य करें, क्योंकि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ होता है। उक्त बातें सोमवार को ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री डॉ. संजय द्विवेदी ने तहसील खलीलाबाद के तत्वाधान में सेमरियावा ब्लाक सभागार में आयोजित एक दिवसीय विचार गोष्ठी/ कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता गांवों के विकास, समस्याओं, संस्कृति और आम जनजीवन से जुड़ी खबरों को उजागर करने वाली पत्रकारिता है। इसमें कृषि, पंचायत, सरकारी योजनाओं, और स्थानीय समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। यह पत्रकारिता ग्रामीण क्षेत्र की आवाज बनकर शहर और गांव के बीच सेतु का कार्य करती है।
उन्होंने कहा कि आप एक पत्रकार हैं पक्षकार नहीं। जब आप एक पत्रकार के रूप में काम करते हैं तो आप पर क़ोई उंगली नहीं उठा सकता लेकिन जब आप एक पक्षकार बन जाते हैं तो उंगलियां उठने लगती हैं। इसलिए निष्पक्ष पत्रकारिता करें संगठन आपके साथ है।
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल तत्व सत्य की खोज, सत्यापन का अनुशासन, और निष्पक्षता है, जिसका प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों को विश्वसनीय जानकारी प्रदान करना है। यह तथ्यों पर आधारित होती है, जनता के प्रति जवाबदेह होती है, और बिना किसी बाहरी दबाव के स्वतंत्र रूप से काम करती है।
कार्यशाला के दौरान टीचर्स कॉलोनी खलीलाबाद निवासी संगठन के साथी कृष्ण गोपाल त्रिपाठी के पुत्र दीपक त्रिपाठी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखकर मृतात्मा की शांति की कामना की गयी। कार्यशाला की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष अतीक अहमद और संचालन जिला मंत्री मुहम्मद अदनान ने किये।
इस अवसर पर मंडल उपाध्यक्ष महेन्द्र श्रीवास्तव, मंडल प्रवक्ता/ मीडिया प्रभारी मुहम्मद परवेज़ अख्तर, जिला मंत्री मोहम्मद अदनान, तहसील संरक्षक ज़फीर करखी, तहसील अध्यक्ष अतीक अहमद, जिला कोषाध्यक्ष सत्यप्रकाश वर्मा, शिवानंद चंचल, मसरूर अहमद, खुर्शीद आलम, उबैदुर्रहमान, नूर आलम सिद्दीकी, तरीकत हुसैन सिद्दीकी, खुर्शीद आलम, मोहम्मद अहमद, मुकेश कुमार श्रीवास्तव, अतहरूल बारी आदि मौजूद रहे।
