सोनार समाज परंपरागत वोट न करने का ले सकता निर्णय:- अच्छे लाल सोनी (पूर्व राज्य मंत्री) ।
राजनीतिक भागीदारी के लिए स्वर्णकारों ने दिखाई ताकत।
लखनऊ का रवींद्रालय भीड़ से हुआ ओवरफ्लो ।
लखनऊ ।
देश में आजादी के बाद सोनार समाज जागा है। उसके परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित रवींद्रालय सभागार में सोनार समागम का आयोजन शनिवार किया।इसमें राज्य के विभिन्न जिलों के स्वर्णकार समाज के लोग शामिल हुए।जिसमें सोनार समाज के विभिन्न संगठनों के नेताओं ने राजनीतिक भागीदारी के मिलने के लिए आवाज उठाई। रवींद्रालय की क्षमता से अधिक संख्या में लोगों की भीड़ जुटने से लोग बाहर खड़े हो कर वक्ताओं के भाषण को सुना। महापंचायत में आए स्वर्णकार समाज ने एकजुटता होने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वर्णकार समाज के कुल देव नरहरी महाराज एवं आराध्य देव अजमीढ़ महाराज के चित्र पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्ज्वलित के साथ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बी एल सोनी और संयुक्त सफल संचालन सुषमा सोनी व कुन्दन लाल सोनी ने किया
सोनार समागम कार्यक्रम को संबोधित करते बिहार से आए पूर्व राज्य मंत्री अशोक वर्मा ने कहा कि अब सोनार समाज जाग चुका है और किसी भी राजनीतिक दल का बधुआ मजदूर बन कर नहीं रहेगा।सोनार समाज को जो भी राजनीतिक दल हिस्सेदारी देगा उसके साथ मिलकर काम करेगा।पूर्व चेयरमैन श्याम सुंदर वर्मा, जीतेन्द्र स्वर्णकार व नीरज वर्मा ने कहा कि सोनार समाज अपने हक और हुकूक की लड़ने की क्षमता रखता है जिसके उनका समाज जाग चुका है। समागम में जो सजातीय बंधुओं ने एकता दिखाई उसके लिए आप सभी को धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। उन्होंने कहा प्रदेश में स्वर्णकाल बोर्ड का गठन करने के साथ सोनार व्यवसायियों को सुरक्षा रहने के शस्त्र लाइसेंस जारी किया जाए।उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य मंत्री अच्छे लाल सोनी,प्रदेश सचिव पिछड़ा प्रकोष्ठ अरविन्द कुमार स्वर्णकार व गौरव वर्मा ने कहा सोनार समाज को पुलिसिया उत्पीड़न से बचाने के लिए जिस तरह से बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ राज्यों की सरकारों ने 411,412 और परिवर्तित बीएनएस 317 बिना जांच के कार्रवाई पर रोक लगाया है।उसी तरह से यूपी सरकार स्वर्णकार समाज को पुलिसिया उत्पीड़न से बचाने के निर्देश देना चाहिए।इसी क्रम में प्रमोद वर्मा,राकेश वर्मा व विवेक वर्मा ने कहा कि सोनार समाज अब परंपरागत वोट करने वाला नहीं है।जो दल उनके संख्याबल के अनुसार भागीदारी देता उसी को चुनाव के दौरान वोट करेगा।

कार्यक्रम के अन्त में अध्यक्षीय भाषण में बी एल सोनी ने कहा कि सोनार समाज की जागरूकता का परिणाम है कि लखनऊ में रविंद्रालय में जगह कम पड़ गई।समागम में आए सजातीय बंधुओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी आप सभी लोग एक रहते हुए भविष्य की राजनीति में सहभागी बने।समागम विष्णु दयाल सेठ,राकेश सेठ,कौशल सोनी,गोपाल सोनी,अशोक वर्मा प्रधान,रवि सर्राफ,सत्य नारायण सेठ, विवेक प्रेमी,कन्हैया लाल सोनी,मंगल वर्मा,संतराम वर्मा,राजू वर्मा,रामजी वर्मा, बबलू सोनी,सत्य प्रकाश वर्मा,सत्य नारायण वर्मा,राजेन्द्र सोनी सहित सोनार समाज के हजारों लोग मौजूद रहे।
