संत कबीर नगर: खाद की कालाबाजारी पर चला प्रशासन का चाबुक, 21 दुकानों पर औचक छापे; 1 का लाइसेंस निलंबित ।
संत कबीर नगर।
शासन द्वारा आकस्मिक छापेमारी के दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जिलाधिकारी के आदेशानुसार जनपद में उर्वरक (खाद) प्रतिष्ठानों की सघन जांच अभियान चलाई गई। कृषि विभाग एवं तहसीलवार तैनात मजिस्ट्रेटों की तीन संयुक्त टीमों ने तीनों तहसीलों—मेहदावल, धनघटा और खलीलाबाद में एक साथ औचक छापेमारी की कार्रवाई की।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि खाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
तीन टीमों ने तहसीलों में मारा छापा !
कार्रवाई के दौरान तहसीलवार संयुक्त टीमें गठित की गईं –
तहसील मेहदावल: जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार, उप जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ तकनीकी सहायक डॉ. ब्रजेश कुमार की टीम ने निरीक्षण किया।
तहसील धनघटा: भूमि संरक्षण अधिकारी दीप चंद्र चौरसिया एवं उप जिलाधिकारी की टीम मौजूद रही।
तहसील खलीलाबाद: उप कृषि निदेशक डॉ. राकेश कुमार सिंह एवं उप जिलाधिकारी की टीम ने औचक जांच की।

21 दुकानों की जांच, 14 नमूने लिए गए –
अभियान के दौरान जनपद की कुल 21 उर्वरक दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया गया:
तहसील मेहदावल: 08 दुकानों की जांच की गई और 09 नमूने लिए गए। अभिलेख अद्यतन न रखने पर गुप्ता खाद भंडार (हरपुर) को नोटिस जारी किया गया।
तहसील धनघटा: 08 दुकानों का निरीक्षण कर 03 नमूने संग्रहित किए गए।
तहसील खलीलाबाद: 05 दुकानों की जांच कर 02 नमूने लिए गए।
छापेमारी के दौरान मुख्यतः डीएपी (DAP), एसएसपी (SSP) और एनपीके (NPK) के कुल 14 नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला में गुणवत्ता परीक्षण (टेस्टिंग) हेतु भेजे गए हैं।
1 का लाइसेंस सस्पेंड, 3 को कारण बताओ नोटिस –
पूरी कार्रवाई के दौरान नियमों की अनदेखी और अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। जनपद में कुल एक दुकान का लाइसेंस निलंबित किया गया है, जबकि तीन दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जांच के दौरान प्रमुख रूप से साधन सहकारी समिति (पश्चिम टोला), संतोष खाद भंडार (बड़्या ठाठर), नव दुर्गा ट्रेडर्स (बड़्या ठाठर), साधन सहकारी समिति (भितिया कला), साहनी खाद भंडार (नवलखा कुटी), गुप्ता खाद भंडार (हरपुर), कृष्णमूर्ति कृषक सेवा (जमोहरा) तथा सिंह खाद भंडार (सरफरा) आदि प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई।

अमानक मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई –
जिला कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला से नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यदि कोई भी उर्वरक अमानक (नकली या मिलावटी) पाया जाता है, तो संबंधित विक्रेता के खिलाफ ‘उर्वरक नियंत्रण आदेश’ के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन में फसलों की बेहतर बढ़त के लिए यूरिया व अन्य उर्वरकों की मांग बढ़ रही है। किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण खाद उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी को पूरी तरह रोकने के लिए यह सघन छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
