संत कबीर नगर – दरोगा के मौत की सूचना पर गांव में छाया मातम ।
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दरोगा के मौत की सूचना पर गांव में छाया मातम ।
परिजनों के गले के नीचे नहीं उतर रही आत्महत्या की बात ।
धनघटा- सन्तकबीर नगर।
धनघटा क्षेत्र के रजनौली गांव निवासी जालौन जिले में थाना प्रभारी पद पर कार्यरत दरोगा अरुण राय की मौत की सूचना पर गांव में मातम छाया हुआ है। घर पर मौजूद उनके भाई अन्य परिवार के सदस्य उनके आत्महत्या करने की बात हजम नहीं कर पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अरुण राय संघर्ष सील व्यक्तित्व के धनी थे। वह आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम नहीं उठा सकते हैं।
रजनौली गांव निवासी बृजेश राय के दो बेटे अरविंद राय और अरुण राय में से अरुण राय छोटे थे। वह 18 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुए। उसके बाद प्रमोशन करके उप निरीक्षक बन गए। उनके बड़े भाई अरविंद राय डीहवा बाजार में सरिया सीमेंट की दुकान संचालित करते हैं। संयुक्त रूप से रह रहे परिवार में अरुण राय अपने बच्चों के साथ भले ही कार्य स्थल पर रह रहे थे लेकिन घर पर आना-जाना उनका बराबर लगा रहता था। उनके भाई अरविंद राय बताते हैं कि अभी 20 दिन पहले अरुण घर पर आए थे और कामकाज के संबंध में बातचीत करने के बाद चले गए। वह कहीं से भी तनाव में नहीं दिख रहे थे। गांव वालों का कहना है कि मृद्धभाषी और सरल सीधे स्वभाव के धनी अरुण राय बहुत ही मिलनसार थे। उनके भाई अरविंद राय का कहना है कि सुबह में टीवी पर उनके मौत की खबर जब सुना तो विश्वास ही नहीं हुआ। धनघटा थाना प्रभारी जयप्रकाश दुबे ने जब मोबाइल पर सूचना दिया तो कलेजा कांप उठा। अरुण राय की मौत की सूचना मिलते ही लोग उनके घर पहुंचना शुरू कर दिए। पूरे गांव में मातम छा गया। सभी के चेहरे पर उदासी थी। अरविंद राय का कहना है कि उनके भाई आत्महत्या कर ही नहीं सकते हैं। उनकी हत्या की गई है। क्योंकि जिस सर्विस रिवाल्वर से आत्महत्या किए जाने की बात बताई जा रही है और सर्विस रिवाल्वर उनके सीने पर पड़ी हुई थी। अरुण राय इकलौता बेटा 20 वर्षीय अमृतांश राय इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है।
