संत कबीर नगर – भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल महोदय के सापेक्ष जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन।
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भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल महोदय के सापेक्ष जिलाधिकारी को दिया ज्ञापन।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संत कबीर नगर-
उत्तर प्रदेश में आए दिन खासकर ओबीसी, एससी, एसटी, माइनारिटी के ऊपर अन्याय-अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही है, जिनको या दबा दिया जाता है या फिर लीपापोती की जाती है। ऐसे ही उत्तर प्रदेश के कुछ बहुचर्चित घटनाओं में न्याय हेतु चरणबद्ध आंदोलन किया जा रहा है। जनपद बस्ती के अन्तर्गत दिनांक 18 मई 2025 को थाना-लालगंज सिद्धनाथ गांव में बहुचर्चित 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म के साथ हत्या कर दी गई। घटना अति वीभत्स रूह कंपा देने वाली कि, मासूम बच्ची के साथ बोथ साइड रेप, पेट में चोट, हाथ पैर की हड्डी तोड़ी गई व पैर पकड़कर सिर के बल पटका गया। यह अतिसंवेदनशील घटना होने के बाद भी 5 महीने से अधिक समय हो गया है लेकिन पुलिस के द्वारा अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पायी। पीड़ित परिवार जिन आरोपियों पर आरोप लगा रहा है पुलिस न तो उनसे कोई पूछताक्ष कर रही है और न ही कोई कार्यवाही कर रही है, जबकि पीड़ित परिवार के अनुसार घटना स्थल पर पुलिस को पर्स भी बरामद हुआ है। आरोपी ब्राह्मण समुदाय (सवर्ण) जाति होने के कारण बस्ती पुलिस उसे बचा रही है। इस घटना से और पुलिस कार्यवाही न होने पर पूरे मूलनिवासी बहुजन समाज में रोष है। मासूम बच्ची के परिवार की स्थिति खराब होने के बावजूद भी बस्ती प्रशासन द्वारा दवा इलाज सहित कोई भी आर्थिक सहयोग नहीं किया गया, न तो बस्ती मंडल का उच्च अधिकारी सम्बंधित मामले को लेकर घटना स्थल पर गया, न तो सहयोग व खुलासा करने का आश्वासन दिया गया।
उक्त घटना सहित अन्य मुद्दों को लेकर दिनांक 09 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के बैनर तले मा. राम सुमेर यादव जिला प्रभारी/मंडल उपाध्यक्ष, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के नेतृत्व में दोपहर एक बजे के बाद शास्त्री चौक पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। इसकी सूचना लिखित रूप से जिलाधिकारी महोदय को दी गई थी और प्रतिलिपि में पुलिस अधीक्षक महोदय व एल. आई. यू., एस. आई. यू. को भी दिया गया था। धरना प्रदर्शन के दौरान एल. आई. यू. टीम मौके पर पहुंची थी, जिन्हें प्रदर्शनकारियों द्वारा शाम तीन बजे ज्ञापन देने के लिए बताया गया था। लेकिन शांति पूर्ण धरना प्रदर्शन के दौरान सिविल लाइन चौकी इंचार्ज अजय सिंह पहुंच कर धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को डराने धमकाने गाली गलौज कर माहौल बिगाड़ने लगे। अचानक फोर्स बुलाकर कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने लगे। चौकी इंचार्ज अजय सिंह द्वारा महिलाओं के साथ भी अभद्रता व गाली दी गई, जिसका वीडियो फोटो भी उपलब्ध है। पुलिस द्वारा छह लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली के हवालात में बंद किया। जिसमें मा. आर. के. आरतियन, जिला अध्यक्ष, भारत मुक्ति मोर्चा, मा. राम सुमेर यादव, जिला प्रभारी, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा मा. हृदय गौतम, मंडल अध्यक्ष, बहुजन मुक्ति पार्टी, मा. बुद्धेश राना, जिला अध्यक्ष, बहुजन मुक्ति पार्टी, मा. दयानिधि आनन्द, पूर्व जिलाध्यक्ष, बीएमपी सहित एक अन्य पीड़ित परिवार से शामिल रहे।
हवालात में से अकेले मा. आर. के. आरतियन जी को चौकी इंचार्ज अजय सिंह द्वारा एस.एच.ओ. आफिस में जबरिया लाया गया, जहां चौकी इंचार्ज अजय सिंह के द्वारा गाली गलौज कर बेरहमी से हाथ पैर पर बेल्ट से मारा गया तबियत ज्यादा बिगड़ने पर जिला अस्पताल ले जाया गया, हालत इतनी खराब थी दो लोग पकड़ कर ले जा रहे थे, जिला अस्पताल में सही से इलाज भी नहीं होने दिया गया, खराब हालत में एस. डी. एम. के समक्ष सभी को पेश किया गया जिसमें अकेले मा. आर. के. आरतियन को जेल भेज दिया गया। जेल में हालत गंभीर देख पुनः जिला अस्पताल लाया गया, दवा इलाज जांच के बाद पुनः जिला अस्पताल से जेल में भेजा गया, जहां जिला जेल में बने अस्पताल में डाक्टर के निगरानी में रखा गया।
प्रकरण को लेकर शिकायती पत्र दिया गया, जिला स्तर के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों के द्वारा उच्च स्तरीय अधिकारियों के संज्ञान में लाने के लिए आंदोलन व ज्ञापन भी दिया गया। उसके बाद भी कार्यवाही नहीं की गई।
दूसरा मामला जनपद कुशीनगर से थाना कसया अंतर्गत अरिहंत हास्पिटल में डॉ. पवन खरवार से सवर्णों द्वारा रंगदारी मांगे जाने पर न दिए जाने से आक्रोशित सवर्णजन उनके ऊपर हमला करते हुए, मारपीट छिनैती किया गया, जान से मारने की धमकी दी गई। प्रकरण में गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत होने के बाद भी स्थानीय पुलिस व विवेचक द्वारा सवर्ण आरोपियों को बचाते हुए लीपापोती की जा रही थी। इस घटना से स्थानीय लोगों में रोष था।
न्याय के लिए संवैधानिक दायरे में रहकर लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जहां थाना कसया में न्याय की मांग कर रहे डॉ. पवन खरवार के साथ कईयों पर नामजद व अज्ञात स्थानीय थाना के पुलिसकर्मी के तहरीर पर फर्जी मुकदमा लिखाया गया।उक्त घटना से पूरे देश प्रदेश में खासकर मूलनिवासी बहुजन समाज में भारी रोष व्याप्त है। अतः उक्त प्रकरण को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा चरण बद्ध आंदोलन में यह मांग करती है।
1- मासूम बच्ची सृष्टि गौतम के हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
2. इस घटना का खुलासा करने के लिए गठित जांच कमेटी को बर्खास्त करके उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। इसके साथ ही आरोपी को संरक्षण देने एवं खुलासा न कर पाने के कारण पूर्व गठित जांच कमेटी पर जांच बैठाई जाए और दोषी पाए जाने पर पूर्व जांच कमेटी पर कानूनी कार्रवाई किया जाए।
3. सृष्टि गौतम के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
4. धरना स्थल से मा. आर. के. आरतियन को जबरदस्ती उठाकर पिटाई करने के मामले में जनपद बस्ती के थाना कोतवाली अंतर्गत सिविल लाइन चौकी इंचार्ज अजय सिंह को एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर निलम्बित करते हुए गैर जनपद स्थानांतरण किया जाए।
5. कुशीनगर जनपद में डॉ. पवन खरवार पर हमला करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार कर उचित कार्रवाई किया जाएं एवं डॉ. पवन खरवार की जान-माल की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किया जाएं।
6. डॉ. पवन कुमार व उनके साथ न्याय की मांग कर रहे लोगों पर दर्ज फर्जी मुकदमा वापस लिया जाएं।
7. काकोरी, लखनऊ में अनुसूचित जाति के बुजुर्ग को पेशाब चटवाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई किया जाएं।
8. आए दिन पुलिस द्वारा एससी, एसटी, ओबीसी और माइनारिटी के ऊपर फर्जी मुकदमें लगाएं जा रहें है. ऐसे पुलिस वालों पर उचित कार्रवाई किया जाए।
9. क्रिश्चियन के पूजा स्थल पर आए दिन हो रहे हमले एवं उन पर हो रहे मुकदमें को रोका जाएं।
10. वाराणसी में नमाज पढ़कर वापस लौट रहे 02 मुस्लिम नौजवानों को बजरंग दल के गुण्ड़ों द्वारा चाकू द्वारा जानलेवा हमला करने वालों पर उचित कार्रवाई किया जाएं।
11. फतेहपुर जनपद में फूलसिंह लोधी व अन्य कार्यकर्ताओं पर जाति भावना से ग्रसित होकर लगाएं गए फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएं। इन मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती है तो चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
