हाथीपांव मरीजों को मिली राहत की किट।
पयागपुर सीएचसी में 15 मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित, पेंशन व इलाज से जोड़ने की पहल।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
बहराइच !
जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत हाथीपांव से प्रभावित 480 मरीजों को एमएमडीपी किट उपलब्ध कराई जानी है, जिनमें से अब तक 144 मरीजों को किट देकर प्रशिक्षित किया जा चुका है। इसी क्रम में सोमवार को पयागपुर सीएचसी पर 15 मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की गई। साथ ही मरीजों का ऑनलाइन पंजीकरण कर उन्हें सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।
फाइलेरिया निरीक्षक विमल कुमार एवं डीसी-पाथ अभिषेक जायसवाल ने मरीजों को प्रभावित अंगों की नियमित सफाई, सूजन नियंत्रण और संक्रमण से बचाव के लिए सेल्फ-केयर की जानकारी दी। किट में टब, साबुन व तौलिया जैसी सामग्री दी गई है, जिससे मरीज घर पर ही नियमित देखभाल कर सकें। फाइलेरिया निरीक्षक ने बताया कि पखरपुर, कैसरगंज, तेजवापुर, शिवपुर और विशेश्वरगंज ब्लॉकों में भी जल्द ही विशेष शिविर आयोजित कर पात्र मरीजों को एमएमडीपी किट वितरित की जाएगी। एमएमडीपी किट से हाथीपांव मरीजों को निःशुल्क दवा, प्रभावित अंगों की रोजाना सफाई में सहायक होना, सूजन, घाव व बुखार जैसी जटिलताओं में कमी व मरीजों को सेल्फ-केयर का प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

सीएचसी अधीक्षक डॉ. धीरेन्द्र तिवारी ने बताया कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है और इसके लक्षण कई बार 5 से 15 वर्षों बाद दिखाई देते हैं। बचाव के लिए समय-समय पर एमडीए अभियान चलाकर दवा खिलाई जाती है तथा मरीजों को एमएमडीपी कैंप के माध्यम से देखभाल के तरीके सिखाए जाते हैं। बीपीएम अनुपम शुक्ल ने बताया कि गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों को चिन्हित कर उनका पंजीकरण कराया जा रहा है, ताकि उन्हें दिव्यांग पेंशन, यूडीआईडी कार्ड और आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिल सके। कार्यक्रम में पर्यवेक्षक पवन कुमार, आशा कार्यकर्ता व लाभार्थी मौजूद रहे।
