हरियाणा के झज्जर से मगहर पहुँचा कबीरपंथियों का जत्था, कबीर चौरा धाम में हुआ अखंड पाठ और विशाल भंडारा !
संतकबीरनगर- मगहर।
हरियाणा के झज्जर से चल कबीर पंथी महंत सुरेन्द्र दास के नेतृत्व में ढाई सौ भक्तों का जत्था वाराणसी पहुंचा।वहां से चल कर संत कबीर की महापरिनिर्वाण कबीर चौरा धाम मगहर में आए। जहां पर कबीर की साखी का अखंड पाठ का आयोजन किया गया।उसके बाद विशाल भण्डारे का प्रसाद पाने के वापस चले गए।

संत कबीर आश्रम झज्जर के महंत सुरेन्द्र दास ने कहा कि वार्षिक यात्रा के रूप में झज्जर से कबीर साहेब के जन्म स्थल लहरतारा वाराणसी से मगहर तक निकाली जाती है।जिसके क्रम में बुधवार की मध्य रात्रि में यात्रा मगहर पहुंची है। उन्होंने कहा कि बिना ज्ञान के मानव शरीर अधूरा माना गया है। गुरू से अलौकिक ज्ञान प्राप्त होता रहता है।जिसके बाद व्यक्ति के जीवन में बदलाव आने लगता है।इस लिए सद्गुरु कबीर ने कहा है कि निराकार ब्रह्म को ही गुरू मान उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करते हुए जीवन के झंझावात से छुटकारा पाया जासकता है।कबीर चौरा मठ मगहर के महंत विचार दास ने कहा कि कबीर साहेब ने समाज की कुरीतियों पर कड़ा प्रहार किया था।समाज से ऊंच बीच,जाति पाति को मिटाने के आजीवन संघर्ष किया।कबीर के विचारों को मनुष्य अंगीकृत कर सही मार्ग पर पहुंच सकता है। इस मौके पर कबीर के अनुयाई भक्तों ने साखी का अखण्ड पाठ कर हवन पूजन किया। उसके बाद भण्डारे में प्रसाद ग्रहण करने के पश्चात वापस चले गए।इस मौके पर सतवीर दास,प्रहलाद,सुनील दास,सूरजभान दास, प्रदीप, किशन प्रधान, ज्ञांत्री देवी,रघुवीर झुनझुन,ऊषा देवी,पिंकी, सुशीला देवी राजस्थान,रमेश इन्द्र बहादुर,राजेश पूर्व सरपंच भिवानी,पवन,गब्बर सिंह दिल्ली,जियांत्री,केशव दास,विनोद दास,वैद्य रामसरन पुजारी,शान्ति दास,राम सेवक दास,सन्तोष दास सहित भारी संख्या संत और भक्तगण मौजूद रहे।

