बाइब्रेंट विलेज में फैलेगा शिक्षा का उजियारा, विद्यालयों की स्थापना के लिए कार्ययोजना तैयार करने के डीएम ने दिये निर्देश !
हर घर जल योजना से आच्छादित होंगे चयनित ग्राम !
मानव वन्य जीव संघर्ष पर प्रभावी अंकुश के लिए होंगे उपाय !
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच 14 अक्टूबर।
अन्तर्राष्ट्रीय सीमावर्ती ग्रामों में जीविकोपार्जन के लिए पलायन तथा विभिन्न प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से केन्द्र व राज्य सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों से शत-प्रतिशत संतृप्त किया जाने तथा विभिन्न सुरक्षा एजेन्सियों के बीच बेहतर तालमेल बनाते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में घटित होने वाले विभिन्न प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से संचालित बाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 के तहत चयनित 34 ग्रामों में विभागीय योजनाओं/कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक का संचालन करते हुए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी घासी राम ने बताया कि वी.वी.पी.-2 के अन्तर्गत जनपद में कुल 34 ग्रामों का चयन किया गया है जिसमें विकास खण्ड मिहीपुरवां के 31, नवाबगंज के 02 तथा ब्लाक रिसिया का 01 ग्राम सम्मिलित है तथा सेचुरेशन के अन्तर्गत ब्लाक मिहींपुरवा के 118, नवाबगंज के 95 व रिसिया के 88 ग्राम शामिल हैं। चयनित ग्रामों में स्वच्छ शौचालय की समीक्षा के दौरान जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि समस्त ग्राम शौचालय से आच्छादित है। शौचालय की उपयोगिता एवं सत्यापन के सम्बन्ध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध न करा पाने पर डीएम ने अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि सभी 34 ग्रामों का सर्वेक्षण कराकर शौचालय की उपयोगिता की सत्यापन आख्या अतिशीघ्र उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। चयनित ग्रामों में 4जी नेटवर्क की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने हेतु डीएम द्वारा उप मण्डल अभियन्ता (मोबाइल सर्विसेस) बीएसएनएल को निर्देशित किया गया कि अवशेष 04 ग्रामों में 30 नवम्बर, 2026 तक टावर लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया जाय।

बाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम-2 में चयनित 34 ग्रामों में मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश तथा ग्रामवासियों की सुरक्षा के दृष्टिगत बचाव हेतु प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने हेतु प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि मानव वन्य जीव संघर्ष के कारणों तथा उसके प्रभावी निदान को मद्देनज़र रखते हुए कार्ययोजना तैयार की जाय ताकि बेशकीमती इंसानी जानों को बचाया जा सके। विगत बैठक की कार्यवृत्ति की समीक्षा के दौरान अनुपालन आख्या प्राप्त न होने का कड़ा संज्ञान लेते हुए डीएम ने सम्बन्धित जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्धारित प्रारूप पर कार्ययोजना के प्रस्ताव आगणन सहित उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
डीएम ने निर्देश दिया कि चयनित ग्रामों हेतु जिन विभागों द्वारा प्रस्ताव प्रस्तुत कर दिया गया है, ऐसे विभाग निर्धारित प्रारूप पर सूचना भरकर इस्टीमेट व डीपीआर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय के माध्यम से पोर्टल पर अपडेट कराना सुनिश्चित करें। सभी विभागों को निर्देश दिया गया विभागीय कार्ययोजना के प्रस्ताव प्रस्तुत करने से पूर्व इस आशय का प्रमाण पत्र उपलब्ध करायें कि प्रस्तावित कार्य किसी अन्य योजना से आच्छादित नहीं है। डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षकको निर्देश दिया कि चयनित ग्रामों में जनसंख्या के आधार पर बालिका विद्यालय एवं को-शिक्षा विद्यालय का प्रस्ताव तथा हर घर जल योजना से प्रत्येक ग्राम को आच्छादित करने हेतु अधि.अभि. जल निगम (ग्रामीण) को निर्देशित किया गया। इस अवसर पर डीएफओ बहराइच सुन्दरेशा, सीएमओ डॉ. संजय कुमार, एस.एस.बी. 42वीं, 59वी व 70वीं वाहिनी के कमाण्डेट सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
