धनघटा तहसील में बाढ़ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम, संवेदनशील इलाकों में प्रशासन की पैनी नजर।
संत कबीर नगर ।
जिलाधिकारी आलोक कुमार के निर्देशों और अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) सत्य प्रकाश के कुशल मार्गदर्शन में धनघटा तहसील क्षेत्र में बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। तहसील प्रशासन और संबंधित विभाग संभावित आपदा से बचाव के लिए तटबंधों की लगातार निगरानी और सुरक्षा में जुटे हुए हैं।
बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील गांवों में कमर कस ली है। ढोलबजा और सीयरकला समेत अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां प्रभावित ग्रामीणों को सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। इसके अलावा पशुपालकों के लिए मवेशियों की स्वास्थ्य जांच के साथ-साथ चारा, भूसा और दाना जैसी जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

स्वास्थ्य और बिजली सेवाओं पर विशेष जोर – ग्रामीणों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए गांवों में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं और मेडिकल टीमें लगातार कैंप कर रही हैं। साथ ही, प्रभावित इलाकों में बिजली की सुचारू और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है ताकि आम जनजीवन प्रभावित न हो।
अधिकारियों की मैदानी स्तर पर मॉनिटरिंग – स्थिति पर नजर रखने के लिए उप जिलाधिकारी धनघटा प्रतिदिन अपनी पूरी टीम के साथ तटबंधों का स्थलीय निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तंत्र पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें – जिला और स्थानीय प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह भरी सूचनाओं पर ध्यान न दें। यदि क्षेत्र में किसी भी तरह की समस्या सामने आती है, तो तुरंत तहसील प्रशासन या संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि तय समय के भीतर उसका समाधान किया जा सके।

