संतकबीर नगर- लूट के इरादे से की गई हत्या, अभियुक्त गिरफ्तार।
हत्या कर पहचान छुपाने की अभियुक्त द्वारा की गई कोशिश।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने किया हत्या का खुलासा।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0 पी0 मौर्य
संतकबीर नगर –
आज दिनांक 15 मार्च 2026 थाना कोतवाली पुलिस द्वारा हाडापार निवासिनी का 11 मार्च 2026 को उसके परिजनों द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी, अगले ही दिन महिला का शव गांव के बाहर खेत में बरामद होता है, कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा हत्या की आशंका से मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दिया।

दिनांक 14 मार्च 2026 को महिला की हत्या में लिप्त अभियुक्त को सिरमोहनी चौराहे के पास से गिरफ्तार किया गया।
आज दिनांक 15 मार्च 2026 को पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के द्वारा हाडा पार महिला हत्या काण्ड का किया गया खुलासा।
आपको बताते चलें कि संत कबीर नगर जनपद के खलीलाबाद कोतवाली अंतर्गत ग्राम हाडा पार निवासी लक्ष्मी चंद यादव पुत्र स्व 0 रामललित यादव द्वारा दिनांक 11 मार्च 2026 को कोतवाली खलीलाबाद में एक प्रार्थना पत्र दिया गया जिसमें बताया गया कि 60 वर्षीय मेरी माता श्री मती शारदा देवी पत्नी स्व0 रामललित यादव दिनांक 10 मार्च 2026 को रात्रि 8:00 बजे गांव में श्री समय माता मंदिर पर यज्ञ कथा सुनने के लिए गई थी जो घर वापस नहीं लौटी दिनांक 12 मार्च 2026 को सुबह में गांव की नहर के दक्षिण तरफ सरसों के खेत में महिला का शव मिला।
खेत में शव मिलने की खबर पर लक्ष्मीचन्द्र के परिवार वहां पर पहुंचे और उन्होंने अपने माता शारदा देवी के रूप में शव की पहचान किया गया।
जिसके आधार पर खलीलाबाद कोतवाली पुलिस द्वारा मु0 अ0 स0 158/ 2026 धारा 103 (1)238 बीएस बनाम अज्ञात के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया।

कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच पर लग गई।दिनांक 14 मार्च 2026 को कोतवाली पुलिस ने राहुल चौधरी पुत्र झगरू उर्फ ब्रह्मा देव निवासी हाडा पार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संत कबीर नगर को गिरफ्तार किया गया तलाशी के दौरान अभियुक्त के पास से एक जोड़ी कान की बाली पीले धातु, एक जोड़ी सफेद धातु के पायल चार टुकड़ों में, एक अदद मोबाइल अभियुक्त का बरामद किया गया
आज दिनांक 15 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना द्वारा पुलिस लाइन सभागार में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि जब गिरफ्तार अभियुक्त से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह पहले ट्रक पर खलासी का काम करता था अब खलासी का काम छोड़ दिया है कोई काम ना रहने की वजह से इधर-उधर घूमता फिरता रहता है खर्च के लिए पैसे की आवश्यकता थी और दिनांक 10 मार्च 2026 को मेरे गांव में नहर के दक्षिण तरफ श्री समय माता मंदिर पर यज्ञ हो रहा था जिसमें गांव की काफी महिलाएं गई थी मैं भी मंदिर पर घूम फिर रहा था समय रात्रि करीब 11:00 बजे मंदिर से गांव को जाने वाले नहर पर बने बंदे के पास एक खेत के किनारे जाकर खड़ा हो गया इस समय मेरे गांव लालचंद यादव की मां अपने घर के लिए अकेले जा रही थी जो उसके कान में सोने की बाली और पैर में चांदी का पायल पहने हुई थी मुझको पैसे की बहुत जरूरत थी तब मैं सोच लिया कि इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा मैं लालचंद की मां को पड़कर मुंह दबाकर बंधे से नीचे सरसों के खेत में ले जाकर गिरा दिया जो मुझको देखकर पहचान गई अपनी पहचान छुपाने के लिए मैंने लालचंद यादव की मां शारदा देवी का गला दबाकर हत्या कर दिया उसके बाद उसके दोनों कान में पहने हुए सोने की बाली और उसके पैर के पायल को खींचकर वहां से भाग गया।
