रिसिया में रामलीला के छठे दिन राम विवाह की लीला ने मोहा मन, धनुष यज्ञ में गूंजे जय श्रीराम के जयकारे
सीता स्वयंवर में श्रीराम ने तोड़ा धनुष, पुष्प वर्षा कर दर्शकों ने किया माता सीता का स्वागत !
ब्यूरो चीफ – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
रिसिया, बहराइच।

रिसिया कस्बे में आयोजित ऐतिहासिक रामलीला के छठे दिन राम विवाह, धनुष यज्ञ, रावण-बाणासुर संवाद और परशुराम-लक्ष्मण संवाद की मनमोहक लीलाओं का मंचन किया गया। भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। रामलीला देखने के लिए बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और युवा पहुंचे। देर रात तक रामलीला मैदान में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।
राम विवाह प्रसंग के दौरान सीता स्वयंवर में भगवान श्रीराम ने जैसे ही शिव धनुष को तोड़ा, पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। दर्शकों ने पुष्प वर्षा कर माता सीता का स्वागत किया। इस दृश्य के लिए मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

शताब्दी वर्ष के रूप में मनाई जा रही रामलीला –
रामलीला समिति इस वर्ष आयोजन को शताब्दी वर्ष के रूप में मना रही है। इस अवसर पर मथुरा के श्री वृंदावन धाम के ब्रज बिहारी रासलीला मंडल के कलाकारों ने रामलीला और झांकी का शानदार मंचन किया। कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और धर्म की विजय का संदेश देने वाली लीलाओं को दर्शकों ने खूब सराहा।
रामलीला मैदान परिसर में बच्चों ने झूलों का आनंद लिया। मेले में लोगों की चहल-पहल बनी रही। आयोजन के माध्यम से धार्मिक परंपराओं के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी दिया जा रहा है।

समिति के पदाधिकारी रहे मौजूद –
आयोजन को सफल बनाने में रामलीला समिति के अध्यक्ष मदन गोपाल यज्ञ, जय प्रकाश अग्रहरि, भृगु राम तिवारी, गोपाल यज्ञ सैनी, जगदीश प्रसाद गुप्ता, मनीष गुप्ता, कुंज बिहारी अग्रवाल, अरविंद साहू, कृष्ण कुमार अग्रहरि, अरविंद गौतम, विनोद गुप्ता, कल्लू और रामजी अग्रवाल सहित कई लोगों का योगदान रहा। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को रामलीला का आनंद लेने में सहयोग किया।
