‘‘प्रशासन गाँव की ओर‘‘ विषयक कार्यशाला का हुआ आयोजन।
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सुशासन सप्ताह के अवसर पर ‘‘प्रशासन गाँव की ओर‘‘ विषयक कार्यशाला का हुआ आयोजन।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच, 23 दिसंबर –
भारत सरकार के निर्देशानुसार ‘‘सुशासन सप्ताह‘‘ (गुड गवर्नेन्स वीक) के उपलक्ष्य में विकास भवन बहराइच सभागार में एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिलाधिकारी सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अजय दीप सिंह रहे। कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा कि सुशासन का अर्थ केवल फाइलों का निस्तारण नहीं, बल्कि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुँचाना है। उन्होंने बहराइच में अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा करते हुए वर्तमान प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी नेे कहा कि केन्द्रीय लोक शिकायत निवारण प्रणाली में लम्बित लोक शिकायतों का निराकरण, स्टेट पोर्टल (आईजीआरएस) में प्राप्त लोक शिकायतों का निराकरण, ऑनलाइन सर्विस डिलीवरी की सेवाओं में वृद्धि लाए जाने के उद्देश्य से ‘‘सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर’’ कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि इस आयोजना के पीछे केन्द्र व राज्य सरकार की दूरदर्शी सोंच परिलक्षित हो रही है। डीएम ने जिले के अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आहवान किया कि पूरी लगन व परिश्रम के साथ शासन द्वारा संचालित ‘‘सुशासन सप्ताह-प्रशासन गांव की ओर’’ अभियान को सफल बनाएं।

मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र ने बताया कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित सूचकांकों कृषि, स्वास्थ एवं पोषण, इंफ्रास्ट्रक्चर, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, शिक्षा इत्यादि के क्षेत्र में आकांक्षात्मक जनपद बहराइच द्वारा उल्लेखनीय उपलब्धि अर्जित की गई है। सीडीओ ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के 01 ट्रिलियन अर्थ व्यवस्था को प्राप्त करने के लिए जिले द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान जनपद बहराइच में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित उद्योगों की स्थापना के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार के डीएआरपीजी (प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग) के आधिकारिक चैनल पर अपलोड किया गया एक विशेष वीडियो प्रदर्शित किया गया। इस वीडियो में जनपद बहराइच की उन महिलाओं और लाभार्थियों के साक्षात्कार दिखाए गए, जिनके जीवन में वर्तमान शासन की जन-केंद्रित नीतियों के कारण क्रांतिकारी बदलाव आया है। वीडियो के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि किस प्रकार डिजिटल गवर्नेंस और ई-सर्विसेज ने आम जनमानस के जीवन को सुगम बनाया है।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों जैसे ग्राम्य विकास, बेसिक शिक्षा, कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग द्वारा अपनी उपलब्धियों और ‘‘गुड गवर्नेंस‘‘ मॉडल्स पर आधारित प्रस्तुतीकरण प्रस्तुत की गईं। कृषि विभाग द्वारा किसानों की समृद्धि और नवाचार द्वारा वर्ष 2024-25 में उर्वरकों और प्रमाणित बीजों का लक्ष्य के सापेक्ष 85 प्रतिशत से अधिक वितरण सुनिश्चित किया गया, जिससे फसलोत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। जबकि उद्यान विभाग द्वारा एकीकृत बागवानी मिशन के तहत किसानों को फल, सब्जी और मसाला उत्पादन हेतु आधुनिक तकनीक और अनुदान उपलब्ध कराया गया।
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा शैक्षिक गुणवत्ता और नवाचार पर आधारित ऑपरेशन कायाकल्प परिषदीय विद्यालयों के बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ीकरण किया गया। जनपद के विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेस और आधुनिक लैब की स्थापना की गई। मिशन शक्ति अन्तर्गत छात्राओं को प्रतीकात्मक रूप से प्रशासनिक पदों (जैसे छात्र-जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बीएसए) की जिम्मेदारी देकर उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुदृढ़ ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचा के तहत लगभग रू. 10 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण क्षेत्रों में नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
इसके अतिरिक्त जनपद में रिकॉर्ड संख्या में आयुष्मान कार्ड वितरण के तहत मरीजों का उपचार सुनिश्चित किया गया। जबकि ग्रामीण विकास विभाग आवास और सामाजिक सुरक्षा प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जनपद में 2.10 लाख से अधिक पात्र लाभार्थियों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम के अन्त में एनआरएलएम अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 05 समूह सखी तथा शत प्रतिशत फेस अथेंटिकेशन कार्य पूर्ण करने वाली 05 आंगनबाड़ी कायकत्रियों को अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
