मिशन शक्ति का असर ! 8वीं की छात्रा विजयलक्ष्मी बनीं 1 दिन की महुली थाना अध्यक्ष !
“आज की बेटी केवल सुरक्षा की हकदार नहीं, कल के नेतृत्व की ताकत भी है।”
प्रमुख बिंदु:
खास पहल: उत्तर प्रदेश शासन के ‘मिशन शक्ति अभियान फेज-6’ के तहत बालिकाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अनूठा प्रयास।
सम्मान: राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली की कक्षा 8वीं की छात्रा कु0 विजयलक्ष्मी को बनाया गया 1 दिन का थाना अध्यक्ष।
नेतृत्व और कार्यप्रणाली: विजयलक्ष्मी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ थाना परिसर का भ्रमण किया, कार्यालयों का निरीक्षण किया और जनता की समस्याएं सुनीं।
संतकबीर नगर –
उत्तर प्रदेश शासन के महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन को समर्पित ‘मिशन शक्ति अभियान फेज-6’ के अंतर्गत पुलिस अधीक्षक संतकबीर नगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में एक प्रेरणादायक और अनूठी पहल देखने को मिली। महुली थाना परिसर में बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक निर्णय लेने की भावना को जागृत करने के उद्देश्य से राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय महुली की कक्षा 8वीं की मेधावी छात्रा कु0 विजयलक्ष्मी को 01 दिन के लिए थाना अध्यक्ष महुली की कमान सौंपी गई।
फरियादियों की समस्याएं सुनीं और दिए निर्देश –
थाना अध्यक्ष की कुर्सी संभालने के बाद विजयलक्ष्मी ने बिना किसी झिझक के पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। उन्होंने थाना कार्यालय, जनसुनवाई कक्ष और अन्य व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। इस दौरान थाने पर आए फरियादियों की समस्याओं को उन्होंने बेहद संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना तथा संबंधित पुलिसकर्मियों को मामलों के नियमानुसार एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पुलिस अधिकारियों से समझी कार्यप्रणाली –
विजयलक्ष्मी ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से उनके दैनिक दायित्वों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उनके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास, आंखों में बड़े सपने और समाज के लिए कुछ बेहतर करने का दृढ़ संकल्प साफ झलक रहा था।
अन्य बालिकाओं के लिए बनीं प्रेरणा –
थाना महुली पुलिस का यह प्रयास केवल एक दिन के लिए कुर्सी सौंपने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को यह अहसास कराना है कि वे समाज में नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखती हैं। इस अभियान के तहत पुलिस द्वारा बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों, साइबर अपराध से बचाव, हेल्पलाइन नंबरों और आत्मनिर्भरता के प्रति भी लगातार जागरूक किया जा रहा है।
विजयलक्ष्मी का यह एक दिन का अनुभव न केवल उनके जीवन की एक यादगार स्मृति बन गया है, बल्कि यह क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए भी आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने का एक बड़ा प्रेरणा स्रोत बन गया है !
“बेटी को अवसर दीजिए, वह केवल अपना भविष्य नहीं—पूरे समाज का भविष्य बदल सकती है।”
