गोरखपुर - कुशवासी महोत्सव में भोजपुरी लोग गायक राकेश उपाध्याय हुए सम्मानित।
गोरखपुर-
भस्मा, डवारपर अपनी संस्कृति और सभ्यता को बचाने के लिए धराधाम के जननायक डॉक्टर सौरभ पांडे द्वारा आयोजित कुशवासी महोत्सव का शानदार समापन हुआ. तीन दिनों से चल रही विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभाओं को तराशा गया और उन्हें सम्मानित किया गया. उसी क्रम में राकेश उपाध्याय,लोकगायक एवं सदस्य-संतकबीर अकादमी मगहर, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश, देवरिया जनपद के करौंदी(भलुअनी)के मूल निवासी, जो वर्तमान समय में गुरु गोरक्षनाथ की पावन नगरी गोरखपुर,उत्तर प्रदेश में अपनीं सांस्कृतिक सेवा दे रहे हैं. धराधाम के प्रणेता डॉक्टर सौरभ पांडे, डॉक्टर राकेश श्रीवास्तव, पुष्पदंत जैन, चारु चौधरी, डॉक्टर एहसान अहमद, प्रवीण श्रीवास्तव, पंडित राजेश पति त्रिपाठी,टिंकलपति त्रिपाठी आदि विभूतियों ने अद्वितीय प्रतिभा के लिए कुशवासी महोत्सव में सम्मानित किया.राकेश उपाध्याय आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केंद्र गोरखपुर के”ए”श्रेणीं लोकगायक राकेश उपाध्याय,भोजपुरी में पारंपरिक शैली के लोकगायक हैं, उपाध्याय लगभग 40 वर्षों से लोकगायन के क्षेत्र में काम कर रहे हैं.शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की युवा पीढ़ी को अपनें लोकगीत एवं संस्कार गीतों की कार्यशाला के माध्यम से लोक कला एवं संस्कृति को संरक्षित एवं जनमानस तक मौलिक रूप में पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।राकेश उपाध्याय को लोकगायन के क्षेत्र में इनकी उपलब्धियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार 2016 से सम्मानित किया जा चुका है।राकेश उपाध्याय नें भारत की समृद्ध लोकगायन को ना सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक स्तर पर जैसे- दक्षिण अफ्रीका (डरबन) मस्कट(ओमान) नीदरलैंड, बैंकॉक, सिंगापुर और अभी हाल ही में फिजी में आयोजित गिरमिटिया समारोह में अपनीं प्रस्तुति देकर भारत का सम्मान बढ़ाने का काम किया है।कोरोना काल में जब दुनियां भयावह स्थिति से गुजर रही थी,उस समय में भी राकेश उपाध्याय ने सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों से गुणी कलाकारों के माध्यम से लोगों का मनोरंजन कराने का कार्य कर चुके हैं।जिस हेतु वर्ड बुक ऑफ रिकार्ड्स लन्दन की ओर से इन्हें सम्मान पत्र मिल चुका है।
