बेटे की मौत दे गया मां -बाप को जीवनभर का दर्द।
सीने में लिए दर्द एक पिता ने पुत्र के शव को दिया मुखाग्नि।
MBBS छात्र का हत्यारा कैबिनेट मंत्री डॉ0 संजय निषाद को बता रहा अपना फूफा।
ब्यूरो रिपोर्ट- के0पी0 मौर्य
संतकबीर नगर-
MBBS तीसरे वर्ष की तैयारी करने वाला संत कबीर नगर जनपद का रहने वाला युवक जो मेडिकल कॉलेज गोरखपुर का छात्र था ।
जो बुधवार होली के दिन अपने दोस्त के घर से खाना खा कर अपनी स्कूटी से वापस हॉस्टल आ रहा था तभी मोहद्दीपुर चार फाटक ओवर ब्रिज पर एक फॉर्चूनर गाड़ी ने टक्कर मार दिया।
आपको बताते चलें कि धर्म सिहवा थाना अंतर्गत बरगदवा माफी वार्ड नंबर 10 के रहने वाले देवेंद्र नाथ पांडे के इकलौते पुत्र आकाश पांडे जो गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में MBBS का थर्ड ईयर का छात्र था।
दिनांक 04 मार्च दिन बुधवार होली के अवसर पर अपने दोस्त के घर से खाना खाकर अपनी स्कूटी से वापस हॉस्टल लौट रहा था तभी मोहद्दीपुर चार फाटक के ओवर ब्रिज के पास पीछे से आ रही फॉर्चूनर कार ने टक्कर मार दिया।
घायल आकाश पांडे को एंबुलेंस की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया जहां पर डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
फॉर्चूनर चालक गोल्डन सहानी निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री डॉ संजय निषाद को अपना फूफा बताता है।
लेकिन देखना है कि वास्तव में गोल्डन सहानी के फूफा है डॉ संजय निषाद, अगर संजय निषाद गोल्डेन सहानी के फूफा है तो क्या अपने कैबिनेट मंत्री के पावर का इस्तेमाल कर उसको बचाएंगे या उसको फांसी की सजा दिलाएंगे ये तो समय बताएगा।
आकाश पांडे की मौत उनके पिता व परिवार के जीवन में सन्नाटा ला दी है पढ़ने में होनहार बेटे आकाश पांडे को वे अपने प्रति कमियागीरी करते हुए हर प्रकार की सुविधा देते रहे। आकाश पांडे का घर आज भी खपरैल का है।
आकाश के इच्छा अनुसार नीट की तैयारी करने के लिए पिता देवेंद्र ने राजस्थान के कोटा भी भेजा था जहां वह तैयारी करते हुए नीट क्वालीफाई किया था बेटे के बढ़ते हुए कदम पिता के हौसले को बढ़ा रही थी देवेंद्र खेती के अलावा टेंट का व्यवसाय भी करते हैं
उन्हें आशा था की बेटा जब पूर्ण डॉक्टर बन जाएगा तो सारे संकट खत्म हो जाएंगे लेकिन समय चक्र को कुछ और ही मंजूर था। घर पर रोती हुई मां के साथ तीन बहने नात रिश्तेदार पड़ोसी संबंधी सभी के चीत्कार सुनाई पड़ रहे थे पर पिता देवेंद्र अपने सीने के दर्द को अधछलकते हाल में घर पर पहुंचे शव को आधे घंटे में ही सहयोगियों के साथ अंतिम संस्कार के लिए निकल पड़े। आकाश की तीन बड़ी बहनें क्रमशः मीना, रेनू व अनुपमा के बाद सबसे छोटा था देवेंद्र तीनों बेटियों की शादी कर चुके थे अभी तीसरी बेटी की शादी वह नवंबर 2025 में किए हैं उनके सामने बेटे आकाश को एक अच्छा डॉक्टर बनाना ही लक्ष्य था आकाश की प्रारंभिक शिक्षा अपने ही गांव के एक निजी स्कूल में प्राप्त किया था बाद में मेंहदावल के प्रेमा एजुकेशनल एकेडमी में हुई थी इंटरमीडिएट करने के बाद आकाश के इच्छा को देखते हुए पिता देवेंद्र ने उसे नीट की कोचिंग के लिए राजस्थान के कोटा में भेज दिया था लगन से पढ़ाई कर आकाश ने नीट क्वालीफाई किया और बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में एडमिशन लिया आकाश का एमबीबीएस की कक्षा में तृतीय वर्ष था होली के अगले दिन परीक्षा का पेपर होने के कारण वह घर नहीं आ सका था मां लीलावती होली के दिन बेटे के न आने और मौत हो जाने की बात कहते रोती हुई बेहोश हो जा रही थी।
जानकारी मिलने पर मेंहदावल विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर के पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिवार के शोक में अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहे कि गोल्डन सहानी अगर दोषी है तो उसको जरूर सजा मिलेगी पुलिस उचित कानूनी कार्रवाई करे।
