बाल श्रम, चाइल्ड ट्रैफिकिंग एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति आमजन को किया गया जागरूक।
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बाल श्रम, चाइल्ड ट्रैफिकिंग एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति आमजन को जागरूक किया।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच-
आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को बहराइच जनपद के रिसिया ब्लॉक अंतर्गत बांग्ला चक, बभनी सैदा, भैसहा, मालुहा भकुराहा, हुसैनपुर, रिसिया बाजार, माझाउआ, भैसही व नरसिंघ डीहा में एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बाल श्रम, चाइल्ड ट्रैफिकिंग एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के प्रति आमजन को जागरूक करना रहा।
इस अवसर पर जागरूकता रथ के माध्यम से अनाउंसमेंट करते हुए रिसिया ब्लॉक के उपरोक्त पंचायतों में भ्रमण किया गया। रथ के साथ टीम द्वारा लोगों को पंपलेट वितरित किए गए तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों पर जागरूकता संबंधी स्टीकर लगाए गए।
कार्यक्रम का शुभारंभ बांग्लाचक प्रधान प्रतिनिधि श्री सरोज सिंह व शुरेश सिंह,द्वारा हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रथ को रवाना कर किया गया।
इस दौरान ग्राम पंचायत के आशा, आंगनवाड़ी, स्कूल अध्यापक, प्रधान बभनी सैदा, प्रधान माझाउआ, प्रथम के विजलेंस सदस्य, पंच, smc सदस्य, ग्रामीण बौद्ध कल्याण सेवा संस्थान से DC रामनरायन व अजय एवं प्रथम टीम के सदस्य शिवनाथ मिश्रा, राकेश चौवे व विनोद कुमार उपस्थित रहे।

जन-जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत लोगों से बाल श्रम न करवाने, बच्चों की तस्करी रोकने तथा बाल विवाह न करने की अपील की गई। उपस्थित जनसमूह को बताया गया कि विवाह के लिए लड़कों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष एवं लड़कियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है।
प्रधान बांग्लाचक सुरेश सिंह द्वारा उपस्थिति जन समूह को बताया गया कि बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सबसे पहले अभिभावकों की होती है। बच्चों को किसी भी गलत व्यक्ति या गलत परिस्थिति से दूर रखें तथा उनकी सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें।
यह जन-जागरूकता कार्यक्रम समाज में बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सकारात्मक संदेश देने में सफल रहा।
