बहराइच- मुख्यमंत्री ने नाव दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से भेंट कर व्यक्त की संवेदना ।

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मुख्यमंत्री ने नाव दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से भेंट कर व्यक्त की संवेदना ।

लापता परिवारों के आश्रितों को प्रदान किया आर्थिक सहायता का डेमो चेक ।

ग्राम को विस्थापित करने की कार्यवाही के दिये निर्देश ।

भरथापुर क्षेत्र का किया हवाई सर्वेक्षण ।

रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव

 

बहराइच 02 नवम्बर।

प्रदेश के मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने जनपद बहराइच के तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) अन्तर्गत कतर्नियाघाट वन्यजीव क्षेत्र में बसे ग्राम भरथापुर का हवाई सर्वेक्षण के उपरान्त सिंचाई विभाग कालोनी परिसर में स्थित मोतीपुर विश्राम गृह में 29 अक्टूबर 2025 को देर शाम कौड़ियाला नदी में हुई नाव दुर्घटना से प्रभावित परिवारों से भेंट कर सांत्वना व्यक्त किया। इसके पश्चात मा. मुख्यमंत्री ने सांसद बहराइच डाॅ. आनन्द कुमार गोंड, विधायक बलहा सरोज सोनकर, नानपारा राम निवास वर्मा, क्षेत्र पंचायत प्रमुख मिहींपुरवा अभिषेक वर्मा सौरभ व अन्य के साथ दुर्घटना में लापता 08 व्यक्तियों/बच्चों के हिताधिकारियों को रू. 04-04 लाख का डेमो चेक तथा प्रभावित 22 परिवारों को अंगवस्त्र, फल की टोकरी तथा सहायता किट प्रदान किया।


इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दुरूह ग्राम भरथापुर की स्थिति का जायज़ा लेने तथा दुर्घटना में प्रभावित परिवारों से भेंट करने के उद्देश्य से मैं स्वय आया हूॅ। उन्होंने कहा कि यहां आने के पूर्व मैंने ग्राम भरथापुर का हवाई सर्वेक्षण भी किया है। यह दुखद घटना है। जंगल के बीच में और वह भी रिजर्व फारेस्ट के बीच में भरथापुर गांव बसा हुआ है। जहां पर कुल 118 परिवार रह रहे हैं। जिनके पास अपना कोई पक्का मकान नहीं है। क्योंकि वन्य अधिनियम के अन्तर्गत उनको इसकी सुविधा नहीं प्राप्त होती है और इसलिए वहां पर इनका जीवन बहुत ही दुरूह हो जाता है।
उन्होंने कहा कि यह अत्यन्त दुख की बात है कि बाज़ार से वापस लौटते समय यह दुखद घटना घटित हुई। जिसमें सवार 22 लोगों में से 13 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। जबकि 01 महिला को अपनी जान गवानी पड़ी तथा लापता हुए 08 लोगों की खोज बीन के लिए रेस्क्यू आपरेशन जारी। उन्होंने बताया कि आज 01 शव मिलने की सूचना है। उन्होंने कहा कि घटना स्थल जंगलों केे बीच में है और नदी के उस क्षेत्र में मगरमच्छ एवं अन्य खतरनाक जीव मौजूद हैं। रेस्क्यू कार्य के लिए नौकाएं लगायी गयीं हैं। उन्होंने कहा कि जब जल को रोकने का प्रयास हुआ तो सैकड़ों की संख्या में मगरमच्छ ऊपर आ गये, जिससे स्थिति ओर भी दुरूह हो गयी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के तरफ से आज मैनें लापता पीड़ित परिवारों को 04-04 लाख रूपये की आर्थिक सहायता का सहयोग किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम भरथापुर के 118 परिवारों को विस्थापित करने के लिए शासन द्वारा 21 करोड़ 55 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उन्होंने मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि इन लोगों के लिए कहीं पर उचित ज़मीन की व्यवस्था कर इन परिवारों को बसाया जाय। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विस्थापित परिवार को 15 लाख रूपये की अनुग्रह राशि के साथ साथ उनकी सम्पत्ति व परिसम्पत्ति का भी उचित मुआवज़ा दिया जायेगा। जिसके लिए राजस्व विभाग द्वारा आंकलित भूमि सम्पत्ति का मूल्य 01 करोड़ 92 लाख, लोक निर्माण विभाग द्वारा आंकलित परिसम्पत्तियों का मूल्य 01 करोड़ 88 लाख, वन विभाग द्वारा आंकलित निजी वृक्ष सम्पत्ति का मूल्य 04 लाख 15 हजार तथा अनुग्रह राशि के रूप रू. 17 करोड़ 70 लाख इस प्रकार कुल 21 करोड़ 55 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि अगले एक महीने के अन्दर विस्थापित होने वाले परिवारों के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसके लिए सरकारी ज़मीन अथवा आवश्यकता पड़ती है तो उसके लिए अतिरिक्त पैसा शासन से मांग कर जमीन की व्यवस्था की जाय। जहां पर भरथापुर के नाम से कालोनी बनायी जा सके। मुख्यमंत्री ने भरथापुर वासियों के लिए मुख्यमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत आवास स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कालोनी में शौचालय, गाय, भैंस बांधने की व्यवस्था एक ही जगह की जाय और वहां आंगनबाड़ी केन्द्र, प्राथमिक विद्यालय के साथ-साथ अन्य मूलभूत सुविधायें भी प्रदान की जायें। जहां पर यह परिवार सुरक्षित रह सकें और इन्हे किसी प्रकार का कोई भय न रहे। उन्होंने कहा कि मैने हवाई सर्वे में भी देखा है कि वहां पर जीवन खतरनाक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दुःख की इस घड़ी में आपके साथ है और हर प्रकार का सहयोग आप सभी पीड़ित जनों को किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोई अन्य वन्य गांव या कोई भी ऐसी जगह जो घने जंगलों के बीच में है और वहां पर लोग रहने को मजबूर हैं, उनको भी तत्काल विस्थापित करके सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। जिससे उनकी आने वाली पीढ़ीयां सुरक्षित तौर से अपना जीवनयापन कर सकें। मुख्यमंत्री ने पुनः आश्वस्त किया कि दुःख की इस घड़ी में सरकार और हमारे सभी जनप्रतिनिधि व जिला प्रशासन आपके साथ हे।
इस अवसर पर आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील, आईजी अमित पाठक, पुलिस अधीक्षक रामनयन सिंह, मुख्य विकास अधिकारी मुकेश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी अमित कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र पाल सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण दुर्गा प्रसाद व अन्य सम्बन्धित अधिकारी, जनप्रतिनिधि व क्षेत्रीय गणमान्य व संभ्रान्तजन मौजूद रहे।

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