अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन ‘झुनझुना’ के साथ होलिकोत्सव कार्यक्रम का हुआ समापन।
“गौत्र हमारा राष्ट्र धर्म, कुलदेवी भारत माता है…”।
अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन ‘झुनझुना’ के साथ होलिकोत्सव कार्यक्रम का हुआ समापन।
समिति अध्यक्ष ने व्यक्त किया आभार।
रिपोर्ट – दिलशाद अहमद
आज का भारत लाइव
बहराइच।
बहराइच होली समिति (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित होलिकोत्सव कार्यक्रम के अंतर्गत शहर के घंटाघर प्रांगण में आयोजित अखिल भारतीय हास्य कवि सम्मेलन ‘झुनझुना’ देर रात तक श्रोताओं से गुलजार रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कवियों ने अपने हास्य, व्यंग्य और ओजपूर्ण काव्य पाठ से उपस्थित जनसमूह को खूब गुदगुदाया और तालियों की गड़गड़ाहट बटोरी।कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुवार शाम लखनऊ से आईं कवयित्री हेमा पांडेय द्वारा मां शारदे की वंदना से किया गया। होली समिति की ओर से सभी आमंत्रित कवियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। शाम होते ही दूर-दराज से आए श्रोताओं से घंटाघर प्रांगण भर गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी निशा शर्मा ने की, जबकि मंच का सफल संचालन रीवा (मध्य प्रदेश) से आए कवि अमित शुक्ला ने किया।
कवि सम्मेलन में कोटा से आए कवि भूपेंद्र राठौर ने अपनी पंक्तियों “अब रावलपिंडी, ढाका दोनों कायदे में हैं,
ट्रंप मरे या खमनोई भारत फायदे में है…”
सुना कर खूब तालियां बटोरीं।
बाराबंकी के हास्य-व्यंग्य कवि प्रदीप महाजन ने कहा –
“निज कार्य की हर योजना अब टालनी होगी,
और धूल पशु बाजारों की खंगालनी होगी,
बच्चों को मिले शुद्ध दूध इसलिए मित्रों,
अध्यापकों को भैंस भी अब पालनी होगी।”
दिल्ली से आए हास्य कवि सुनहरी लाल ‘तुरन्त’ ने अपनी चुटीली प्रस्तुति से माहौल को खुशनुमा बना दिया –
“साज बिना हर राग अधूरा लगता है,
बिन कोयल के बाग अधूरा लगता है,
होली कितने ही लोगों से खेलो,
पर बिना भाभी के फाग अधूरा लगता है।”
मंच संचालक अमित शुक्ला ने भी अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
लखनऊ की कवयित्री हेमा पांडेय ने राधा-कृष्ण की भावपूर्ण पंक्तियों से वातावरण भावुक कर दिया –
“धूप में धूप से सांवरी हो गई,
वेदना से विकल बांसुरी हो गई,
कृष्ण मथुरा से वापस जो आए नहीं,
याद में राधिका बावरी हो गई।”
मेरठ के कवि डॉ. प्रतीक गुप्ता ने प्रेम और सामाजिक भावों पर आधारित रचना प्रस्तुत की।
वहीं महेश्वर (मध्य प्रदेश) के कवि नरेन्द्र अटल ने अपनी ओजपूर्ण कविता –
“मातृभूमि की गौरवगाथा जीवन भर हम गाएंगे…
इसकी माटी और रक्त का जन्म-जन्म का नाता है,
गौत्र हमारा राष्ट्र धर्म, कुलदेवी भारत माता है।”
सुना कर श्रोताओं में देशभक्ति का जोश भर दिया।कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष दीपक प्रकाश सोनी ‘दाऊ जी’ ने सभी कवियों, अतिथियों, श्रोताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर महामंत्री सुमित खन्ना, हेमंत मिश्रा, उमाकांत शुक्ला, राघवेंद्र नाथ गुप्ता, मीडिया प्रभारी सचिन श्रीवास्तव, कृष्ण मोहन गोयल, शिव शरण कसेरा, आनंद कुमार, अमित टंडन, कन्हैया सोनी, आशीष कंसल, हेमा निगम, मनोज मिर्ची, सत्येंद्र रस्तोगी, राजेश रस्तोगी, कृष्ण गोपाल तायल, सुधाकर मिश्रा, योगेंद्र श्रीवास्तव, मनीष रस्तोगी सहित सैकड़ों लोग देर रात तक कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
