साइबर ठगों के नए पैंतरों पर पुलिस की नकेल, ग्राम प्रहरियों को दी गई ‘डिजिटल सुरक्षा’ की मास्टर क्लास ।
संतकबीरनगर।
तकनीक के इस दौर में जहाँ एक तरफ दुनिया आसान हुई है, वहीं दूसरी तरफ साइबर अपराधियों का जाल भी तेजी से फैल रहा है। अनजान कॉल, फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डराना, वर्क फ्रॉम होम का झांसा और संदिग्ध एपीके (APK) फाइलें ये सब साइबर ठगों के वे हथियार हैं जिनके जरिए पलक झपकते ही लोगों की गाढ़ी कमाई साफ हो जाती है। साइबर अपराध के इसी बढ़ते खतरे से आमजन को बचाने के लिए संतकबीरनगर पुलिस ने एक बड़ी और अनूठी पहल की है।
पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय की मौजूदगी में पुलिस लाइन सभागार कक्ष में जनपद के सभी ग्राम प्रहरियों के लिए एक विशेष ‘साइबर जागरूकता एवं सुरक्षा कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। साइबर क्राइम थाना टीम की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर साइबर सुरक्षा की अलख जगाना रहा।

ठगी के इन पैंतरों से रहें सावधान!
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और साइबर एक्सपर्ट्स ने ग्राम प्रहरियों को ठगों के नए-नए तरीकों से रूबरू कराया। अधिकारियों ने सचेत करते हुए बताया कि:
संदिग्ध APK फाइलें और लिंक: अनजान स्रोत से मिलने वाली किसी भी फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करें।
फर्जी ऑफर और लॉटरी –
‘वर्क फ्रॉम होम’, आकर्षक ऑफर, लॉटरी और क्यूआर कोड स्कैन कराने के नाम पर होने वाले फ्रॉड से दूर रहें।
फर्जी अधिकारी बनकर डर का खेल: अगर कोई व्यक्ति खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर फोन पर डराए, धमकाए या किसी योजना के नाम पर पैसों की मांग करे, तो बिना सत्यापन के बिल्कुल भरोसा न करें।
गोपनीयता ही है सबसे बड़ी सुरक्षा –
अपर पुलिस अधीक्षक ने ग्राम प्रहरियों को विशेष रूप से हिदायत दी कि वे अपने गाँव-कस्बों में लोगों को जागरूक करें कि अपना बैंक खाता विवरण, ओटीपी (OTP), पासवर्ड या कोई भी व्यक्तिगत जानकारी कभी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें।
ठगी होने पर तुरंत करें यह काम –
यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना समय गंवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा भारत सरकार के आधिकारिक पोर्टल [https://cybercrime.gov.in](https://cybercrime.gov.in) पर भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
इस मौके पर प्रतिसार निरीक्षक रामबली यादव, साइबर क्राइम थाना उप-निरीक्षक जय प्रकाश यादव, कांस्टेबल राम प्रवेश मद्देशिया सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संतकबीरनगर पुलिस का यह अभियान अब गाँव-गाँव तक डिजिटल सुरक्षा का कवच तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा।
