संतान सुख की आस में मां अम्बे के दरबार पहुंचती हैं महिलाएं, प्रसाद में मिलता है सेब!
खलीलाबाद में 26 साल से निभाई जा रही अनूठी परंपरा, नवरात्रि की नवमी पर 500 महिलाओं को बांटे गए सेब; अभिषेक श्रीवास्तव गुरु जी के नेतृत्व में जुटती हैं देश-विदेश की श्रद्धालु महिलाएं !
संत कबीर नगर/खलीलाबाद।
एक सेब, संतान सुख की कामना और मां अम्बे पर अटूट विश्वास! खलीलाबाद में नवरात्रि की नवमी पर आस्था का ऐसा ही अनूठा नजारा देखने को मिला, जहां संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर करीब 500 महिलाएं मां अम्बे के दरबार पहुंचीं। राम नगर कॉलोनी मड़या स्थित जय मां अम्बे सेवा समिति में इन महिलाओं को प्रसाद स्वरूप सेब वितरित किए गए। अभिषेक श्रीवास्तव गुरु जी के नेतृत्व में करीब 26 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान बना चुकी है।

आस्था से जुड़ी है प्रसाद की परंपरा-
समिति से जुड़ी मान्यता के अनुसार, संतान सुख की कामना करने वाली महिलाएं मां अम्बे के दरबार में पहुंचकर प्रसाद स्वरूप सेब ग्रहण करती हैं। मान्यता पूरी होने पर कई महिलाएं अगले वर्ष दोबारा दरबार में पहुंचकर माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करती हैं। श्रद्धालुओं के लिए यह आयोजन उम्मीद, विश्वास और भक्ति का विशेष अवसर बन गया है।

विदेशों तक चर्चा, दूर-दराज से पहुंचती हैं महिलाएं-
इस परंपरा से जुड़ी आस्था की चर्चा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, रूस, चीन, नेपाल और थाईलैंड तक होने की बात कही जाती है। देश में मुंबई, बंगाल, सूरत, कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और लखनऊ समेत विभिन्न क्षेत्रों से भी महिलाएं यहां पहुंचती हैं।

नवमी पर भक्तिमय हुआ दरबार –
नवरात्रि की नवमी पर पूजा-अर्चना, माता रानी के जयकारों और प्रसाद वितरण से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। अभिषेक श्रीवास्तव गुरु जी के नेतृत्व में जय मां अम्बे सेवा समिति की ओर से निभाई जा रही यह 26 साल पुरानी परंपरा स्थानीय धार्मिक आयोजन की विशिष्ट पहचान बन गई है।

